
नई दिल्ली/जयपुर. Rajasthan Congress News: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की अध्यक्षता में आज दिल्ली में हो रही बैठक राजस्थान कांग्रेस के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकती है। पार्टी के शीर्ष नेता, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती देना है। इसके साथ ही जिला अध्यक्षों की भूमिका को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
कांग्रेस में गुटबाजी के बाद बड़ा बदलाव?
राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर पार्टी हाईकमान ने इस बैठक को ऐतिहासिक माना है। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पहले ही साफ कर दिया था कि निष्क्रिय पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में यह बैठक कांग्रेस के लिए एक नई दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर हो सकती है।
जिला अध्यक्षों को मिलेगा नई ताकत का अहसास
कांग्रेस के भीतर जिला अध्यक्षों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है, लेकिन पिछले कुछ सालों से उनका प्रभाव कमजोर पड़ गया था। अब पार्टी हाईकमान की योजना उन्हें पुन: प्रभावी बनाकर संगठन को और मजबूत करने की है। बैठक में इस पर विस्तार से मंथन होगा कि कैसे जिला अध्यक्षों को और अधिक शक्तिशाली बनाया जा सकता है।
40 साल बाद हाईकमान और जिलाध्यक्षों का सीधा संवाद
यह बैठक 40 वर्षों के बाद पहली बार हो रही है, जब कांग्रेस का राष्ट्रीय नेतृत्व सीधे जिलाध्यक्षों से संवाद करेगा। इस संवाद से न सिर्फ समन्वय मजबूत होगा, बल्कि जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी बढ़ेगी। जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी ने इसे कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया है।
राजस्थान कांग्रेस को मिलेगी नई दिशा
कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि इस बैठक से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी और यह राजस्थान कांग्रेस के लिए नए सिरे से एक मजबूत शुरुआत का प्रतीक बनेगी। इस कदम से न केवल पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं की पुरानी शिकायतों को दूर करने का भी अवसर मिलेगा।
