
रायपुर. Actress Sunny Leone: छत्तीसगढ़ से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘महतारी वंदन योजना’ (Mahtari Vandan Yojana) का फायदा बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी को भी मिल रहा है। दरअसल, इस योजना के तहत राज्य की विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाते हैं, लेकिन अब यह मामला इस कारण सुर्खियों में है क्योंकि सनी लियोनी के नाम पर भी एक खाता खोला गया था, जिसमें हर महीने यह राशि जमा की जा रही थी।
कैसे हुआ यह धोखाधड़ी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसी ने सनी लियोनी के नाम पर एक बैंक खाता खोला और उसमें महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपये की रकम जमा करवा दी। इस खाते को कथित तौर पर वीरेंद्र जोशी नाम के व्यक्ति ने खोला और संचालित किया। इस धोखाधड़ी को लेकर अब वीरेंद्र जोशी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है, और यह पता लगाया जा रहा है कि ऐसे फर्जी खातों का संचालन किस तरीके से हुआ और कौन-कौन से अधिकारी इसकी लापरवाही के जिम्मेदार हैं।
जिला कलेक्टर ने दी जांच के आदेश
जिले के बस्तर क्षेत्र के तालुर गांव में इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जिला कलेक्टर हरीस एस ने महिला एवं बाल विकास विभाग को आदेश दिए हैं कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि संबंधित बैंक खाते को जब्त किया जाए ताकि धोखाधड़ी की राशि की वसूली की जा सके।
सियासत में भी घमासान
इस मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी उबाल आ गया है। सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी कांग्रेस के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि महतारी वंदन योजना के तहत 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी फर्जी हैं। इस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को इस बात का दुख है कि राज्य की महिलाओं को अब वह मासिक सहायता मिल रही है, जो कांग्रेस अपने पिछले कार्यकाल में नहीं दे पाई थी।
महतारी वंदन योजना का उद्देश्य
‘महतारी वंदन योजना’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत राज्य में विवाहित महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तहत राज्य सरकार ने लाखों महिलाओं के खातों में पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन इस धोखाधड़ी ने इस योजना पर सवालिया निशान लगा दिया है।
