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Animal Husbandry and Dairy: पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की महाकुंभ में होगी महाबैठक, महत्वपूर्ण निर्णयों की तैयारी, इस दिशा में काम उठाएंगे बड़े कदम…

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Cm Yogi Aadityanath
Animal Husbandry and Dairy: There will be a grand meeting of the Department of Animal Husbandry and Dairy Development in Maha Kumbh, preparation for important decisions, big steps will be taken in this direction…
लखनऊ.Animal Husbandry and Dairy: उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग द्वारा आगामी 8 फरवरी को महाकुंभ नगर में एक ऐतिहासिक बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के पशुधन, डेयरी उद्योग और गोशालाओं के समग्र विकास पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इस बैठक में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, गोमूत्र के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने की दिशा में बड़े कदम उठाए जाएंगे। अधिकृत सूत्रों के अनुसार, सरकार का लक्ष्य न केवल प्रदेश में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है, बल्कि गोमूत्र का औद्योगिक उपयोग बढ़ाने और डेयरी उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव लाने का भी है। बैठक में डेयरी पॉलिसी 2022 में बदलाव, पशु अस्पतालों की 24 घंटे उपलब्धता, और दुग्ध संघों को सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। इन प्रस्तावों को बैठक के बाद कैबिनेट में प्रस्तुत कर अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
योगी सरकार का यह प्रयास न केवल पशुधन क्षेत्र का विकास करेगा, बल्कि डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में भी मददगार साबित होगा। पशु स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पशु अस्पतालों को 24 घंटे संचालित करने की योजना तैयार की जा रही है। यह कदम किसानों और पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि अभी पशु एंबुलेंस सेवा केवल सुबह से शाम तक उपलब्ध है, लेकिन अब इसे रात्रिकालीन सेवा के साथ 24 घंटे सक्रिय रखने की योजना है।
बैठक में गोमूत्र के औद्योगिक उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार ने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और कॉर्पोरेट कंपनियों के सहयोग से गोमूत्र की खरीदारी के लिए योजना बनाई है। गोमूत्र से फिनायल, कीटनाशक और जैविक खाद बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, जिससे न केवल गोशालाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी, बल्कि जैविक उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके अंतर्गत नाबार्ड और अन्य फर्टिलाइजर कंपनियों से सहयोग लिया जाएगा, जिससे गोशालाओं को वित्तीय मजबूती प्राप्त हो सके। बरेली के आंवला स्थित इफको प्लांट में इफको द्वारा 2000 गोवंश की गोशाला स्थापित करने की योजना है, जिससे गोवंश संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय किसानों को भी लाभ मिलेगा।
बैठक में डेयरी पॉलिसी 2022 में बदलाव पर भी सहमति बनने की संभावना है। सरकार इसे नई औद्योगिक नीति और खाद्य प्रसंस्करण नीति के समतुल्य बनाने पर विचार कर रही है, जिससे डेयरी उद्योग को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। इसके तहत कन्नौज, गोरखपुर, कानपुर डेयरी प्लांट और आंबेडकर नगर पशु आहार प्लांट को 10 साल की लीज पर नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को सौंपने का निर्णय लिया जा सकता है। इससे प्रदेश के दुग्ध संघों को मजबूती मिलेगी। आखिरकार, अगले पाँच वर्षों में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने का संकल्प लेकर सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से कदम बढ़ाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादन केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
यह बैठक प्रदेश के पशुधन और डेयरी उद्योग के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो न केवल किसानों और पशुपालकों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

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