
बेंगलुरु. B.R. Patil resigns: कर्नाटक कांग्रेस में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है, जब वरिष्ठ विधायक बी. आर. पाटिल ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के राजनीतिक सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे ने पार्टी में नई हलचल पैदा कर दी है और अब तक किसी ने भी इस फैसले का स्पष्ट कारण नहीं बताया है।
पाटिल ने अपने इस्तीफे की वजह को लेकर कोई विशिष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया, लेकिन यह कहा कि वह विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को जारी रखेंगे और उन्हें किसी भी आधिकारिक पद की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैंने मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार पद से इस्तीफा दे दिया है, और यह इस्तीफा पहले ही मुख्यमंत्री को सौंपा जा चुका है। हालांकि, मैं विधायक के रूप में कार्य करता रहूंगा।”
इस इस्तीफे ने कांग्रेस पार्टी के भीतर मौजूदा नेतृत्व और मंत्रिमंडल के गठन को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के अंदर मंत्री पदों के आवंटन को लेकर असहमति और नेतृत्व को लेकर बढ़ते विवादों के बीच यह कदम उठाया गया है, जो अब पार्टी के अंदर और बाहर चर्चा का विषय बन चुका है।
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि बी. आर. पाटिल ने इस्तीफा क्यों दिया। उन्होंने बताया, “वह खड़गे साहब और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया दोनों के करीबी सहयोगी रहे हैं। मुझे पूरा यकीन है कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई ठोस कारण होगा, लेकिन मुझे पूरी जानकारी नहीं है। न तो मैंने और न ही मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने उनका इस्तीफा पत्र देखा है।”
खरगे ने मीडिया से अपील करते हुए कहा, “जब तक इस्तीफा पत्र सार्वजनिक नहीं होता, कृपया बिना जानकारी के अपनी कहानियाँ बनाने से बचें।” इस बीच, कांग्रेस पार्टी के भीतर इस इस्तीफे के राजनीतिक निहितार्थ पर बहस जारी है, और यह देखना बाकी है कि पाटिल के इस्तीफे के बाद पार्टी के अंदर का माहौल किस दिशा में जाता है।
