
पटना. Bihar News Update: बिहार के पटना में एक बड़ा राजनीतिक और अपराधी घटनाक्रम सामने आया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव ने अंततः दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पिंकू यादव पर पटना AIIMS के सुरक्षा अधिकारी पर फायरिंग करने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने उनके घर पर बुधवार को छापेमारी कर अवैध हथियार, 11 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी, और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए थे।
क्या है मामला?
यह घटना कुछ महीने पहले की है, जब खगौल थाना क्षेत्र में AIIMS के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की गाड़ी पर बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की थी। घटना के बाद से पिंकू यादव फरार था, जबकि पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पिंकू यादव के घर से तीन बिना लाइसेंस वाली बंदूकें, नोट गिनने की मशीन, पुराने स्टांप पेपर और ज़मीन के कागजात मिले। इसके साथ ही पुलिस ने भारी मात्रा में नकद राशि भी बरामद की।
सुरक्षा अधिकारी पर हमला
इस घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि जब AIIMS के सुरक्षा अधिकारी अपने घर से ऑफिस जा रहे थे, तब उनकी गाड़ी पर बाइक सवार बदमाशों ने हमला किया। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। इस हमले के बाद से पिंकू यादव का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया, लेकिन वह लंबे समय से फरार था।
पिंकू यादव का आत्मसमर्पण
पिंकू यादव पर जब पुलिस ने आत्मसमर्पण करने के लिए नोटिस जारी किया, तो उन्होंने शुरुआत में इसे नजरअंदाज किया। हालांकि, 19 दिसंबर 2024 को पिंकू यादव ने दानापुर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। अब पुलिस पिंकू से पूछताछ कर रही है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि पिंकू के पास इतनी बड़ी रकम और अवैध हथियार कहां से आए और इस मामले में और कौन लोग शामिल थे।
राजनीतिक हलचल
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है, जिससे उनके हौसले बढ़े हैं। वहीं, सरकार ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
AIIMS सुरक्षा में दहशत
इस घटना से AIIMS के सुरक्षा अधिकारी भी डर में हैं और उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाओं से उनका मनोबल गिरा है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। AIIMS प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने का वादा किया है।
आगे क्या होगा?
अब पुलिस पिंकू यादव से कड़ी पूछताछ करेगी, ताकि यह पता चल सके कि वह किस नेटवर्क का हिस्सा था और इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही, इस मामले में सामने आने वाले तथ्यों से बिहार की सियासत में नया मोड़ आ सकता है।
