पटना. Bihar politics News: जन सुराज के सूत्रधार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) द्वारा उनकी पार्टी पर लगाए गए आरोपों का तीखा जवाब दिया है। प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी संपत्ति और संसाधन उनके खुद के विचार, मेहनत और मां सरस्वती की कृपा से प्राप्त हुए हैं, न कि किसी सरकारी पद या ठेकेदारी के माध्यम से।
बुधवार को एक प्रेस वार्ता में किशोर ने कहा, “लोग मुझसे बार-बार पूछते हैं कि मैं इतना पैसा कहां से ला रहा हूं। मैं साफ तौर पर कह सकता हूं कि मैंने कभी कोई ठेका नहीं लिया, न ही मैं कभी विधायक या सांसद बना, न ही मैंने किसी सरकारी पद पर कार्य किया और न ही मैं आईएएस या आईपीएस अधिकारी रहा। जो कुछ भी मेरे पास है, वह मेरी बुद्धि और मां सरस्वती की कृपा से है। हम सभी जानते हैं कि जिस पर सरस्वती जी की कृपा होती है, उसके पास लक्ष्मी जी अवश्य आती हैं।”
बिहार के बेटे की ताकत
प्रशांत किशोर ने बिहार के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि बिहार का यह बेटा अपनी मेहनत और बुद्धि से आगे बढ़ा है। मेरे पिताजी ने मुझे जो कुछ भी दिया, वह मात्र आशीर्वाद था, लेकिन मैंने अपने बलबूते पर वह सब कुछ प्राप्त किया है। बिहार के युवाओं को यह एहसास होना चाहिए कि वे कमजोर नहीं हैं।”
उन्होंने बिहार के युवाओं की शक्ति को उजागर करते हुए कहा, “क्या पैसा केवल गुजरात के लड़कों के पास रहेगा? बिहार के लड़कों का वोट, बिहार के लड़कों की ताकत और आवाज तो यहां, लेकिन पैसा गुजरात के लड़कों के पास—अब यह नहीं चलेगा। बिहार के लड़के मजदूरी करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।”
बिहार का गौरव बढ़ाने की कसम
प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य बिहार के युवाओं को सशक्त बनाना और राज्य में रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी सरकारी पद का लाभ उठाना नहीं है, बल्कि बिहार के लोगों को वह अवसर देना है जिसकी वे हकदार हैं। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, जहां प्रशांत किशोर ने अपने संघर्ष और मेहनत के आधार पर सफलता प्राप्त करने की बात की है, जो बिहार के लोगों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है।
