मुंबई. Boat Accident In Mumbai: महाराष्ट्र के मुंबई स्थित गेटवे ऑफ इंडिया के पास एक बड़ी नाव दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग लापता हैं और 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। 100 से अधिक यात्रियों को लेकर एलीफेंटा गुफाओं की ओर जा रही एक नाव समंदर में पलट गई, जब उसे एक स्पीड बोट ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद से राहत और बचाव कार्य जारी है, और कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
Mumbai Boat Accident | 8 crafts of the Indian Navy have been pressed into search operations in the area where the ferry accident took place. Four of the six persons onboard the Navy boat which rammed into the ferry have lost their lives while one of them is critically injured.… pic.twitter.com/SFy60GetNd
— ANI (@ANI) December 18, 2024
घटना शाम 5:15 बजे हुई, जब नाव गेटवे ऑफ इंडिया से एलीफेंटा गुफाओं की ओर जा रही थी। हादसे के तुरंत बाद नौसेना, मरीन पुलिस, तटरक्षक बल और 108 एंबुलेंस की टीमें घटनास्थल पर पहुंची। सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रियों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन 13 लोगों की जान चली गई, जिनमें 10 यात्री और 3 नौसेना कर्मी शामिल हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया। उन्होंने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा कि बचाव कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है और लापता यात्रियों की तलाश जारी है। साथ ही, इस मामले की जांच मुंबई पुलिस और भारतीय नौसेना के संयुक्त दल द्वारा की जाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस त्रासदी पर दुख व्यक्त किया है। इस दर्दनाक हादसे ने समंदर में यात्रा कर रहे कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नौका दुर्घटना के बाद भारतीय नौसेना की तत्परता
भारतीय नौसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपनी 8 जहाजों को उस इलाके में भेजा है, जहां हाल ही में एक नौका दुर्घटना घटी थी। नौसेना के अधिकारी ने बताया कि हादसे में टक्कर के बाद नौसेना की नाव पर सवार छह लोगों में से तीन की मृत्यु हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। इस हादसे में कुल 110 यात्री सवार थे, जिनमें 20 बच्चे भी शामिल थे। खोज और बचाव अभियान में नौसेना के जहाजों के साथ अन्य संसाधनों को भी लगाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
