
पटना. BPSC Protest in Bihar: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। सोमवार तड़के पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और गांधी मैदान से सभी प्रदर्शनकारियों को हटा दिया। इसके साथ ही पुलिस ने वहां से निकलने वाली गाड़ियों की भी जांच की। प्रशांत किशोर बिहार लोक सेवा आयोग परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे थे। उनका कहना है कि BPSC द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित की गई एकीकृत संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा (CCE) 2024 में सवालों का लीक होना गंभीर मुद्दा है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशांत किशोर का स्पष्ट बयान
प्रशांत किशोर ने गिरफ्तारी से पहले मीडिया से बातचीत में कहा, “यह हमारे लिए निर्णय की बात नहीं है कि हम इस (विरोध) को जारी रखें या नहीं। हम जो कर रहे हैं, वही जारी रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं आएगा। जन सुराज पार्टी 7 जनवरी को उच्च न्यायालय में इस मुद्दे को लेकर याचिका दायर करेगी।”
टीम की राजनीति पर दिया प्रतिक्रिया
गांधी मैदान में बैठकर छात्रों के साथ आंदोलन में शामिल हुए प्रशांत किशोर ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन की अगुवाई करें, क्योंकि वे विपक्ष के नेता हैं और एक “बड़े नेता” के तौर पर इस मुद्दे पर आवाज उठा सकते हैं। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव को इस आंदोलन की नेतृत्व करना चाहिए था, न कि मुझे। छात्रों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। यहां पर कोई पार्टी का झंडा नहीं है, हम सिर्फ छात्रों के एजेंडे पर ध्यान दे रहे हैं।”
#WATCH | BPSC protest | Bihar: Patna Police detains Jan Suraaj chief Prashant Kishor who was sitting on an indefinite hunger strike at Gandhi Maidan pic.twitter.com/cOnoM7EGW1
— ANI (@ANI) January 5, 2025
तेजस्वी यादव की राजनीति पर टिप्पणी
रविवार को तेजस्वी यादव ने BPSC विरोध को ‘राजनीतिक रंग’ देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित किया जा रहा है और बीजेपी के ‘बी टीम’ द्वारा इस आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। यह पूरी तरह से राजनीतिक हो गया है। बिहार के लोग इन्हें पहचानेंगे, जो बीजेपी की ‘बी टीम’ बनकर इस स्वतंत्र आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। यह निंदनीय है,” तेजस्वी यादव ने ANI से बातचीत करते हुए कहा।
प्रशांत किशोर की संघर्ष की भावना
प्रशांत किशोर ने कहा, “यह धरना नहीं है, यह बिहार के लोगों का जुनून है। यह उनके भविष्य को सुधारने और बेहतर बनाने के लिए है। इस सर्दी में यहां लोग बैठकर आंदोलन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सिर्फ आरोपों का जवाब देने में लगे हुए हैं। यह आंदोलन सचमुच बिहार की जनता की लड़ाई है।”
आंदोलन के समर्थन में छात्रों की आवाज
छात्रों का कहना है कि BPSC की 2024 परीक्षा के पेपर लीक के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है, और वे परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जन सुराज पार्टी और छात्रों का यह आंदोलन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और BPSC पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए एक बड़ा कदम है। प्रशांत किशोर का यह विरोध आंदोलन अब एक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है, जो बिहार की राजनीति और छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
