
Breast Cancer: ब्रेस्ट (Breast Health) में गांठ महसूस होना महिलाओं के लिए अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। हालांकि, यह सच है कि ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) का एक लक्षण गांठ होना हो सकता है, लेकिन यह हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता। कई अन्य गैर-कैंसरयुक्त स्थितियां भी ब्रेस्ट में गांठ पैदा कर सकती हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि महिलाएं इन कारणों के बारे में जानें और समय रहते सतर्क रहें।
ब्रेस्ट में गांठ के 5 सामान्य कारण
- फाइब्रोएडनोमा: ये गांठें स्तन ग्रंथि और रेशेदार ऊतकों से बनी होती हैं। आमतौर पर ये छोटी और चिकनी होती हैं, और 20 से 30 साल की उम्र की महिलाओं में अधिक देखी जाती हैं। इनका समय पर इलाज कराना आवश्यक है।
- सिस्ट: ये स्तनों में तरल पदार्थ से भरी थैलियां होती हैं। ये आमतौर पर गोल या अंडाकार होती हैं और स्पर्श करने पर मुलायम या रबर जैसी महसूस होती हैं।
- फाइब्रोसिस्टिक स्तन: यह एक स्थिति है जिसमें स्तनों में गांठें बन जाती हैं। ये पीरियड्स के दौरान दर्दनाक हो सकती हैं और इनसे संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
- एब्सस: यह स्तन में मवाद का संचय होता है, जो आमतौर पर बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। इसके लक्षणों में स्तन में लालिमा, सूजन और दर्द शामिल हो सकते हैं।
- इंट्राडक्टल पैपिलोमा: ये ब्रेस्ट डक्ट्स में छोटे, सौम्य वृद्धि होते हैं और ये ब्रेस्ट से डिस्चार्ज का कारण बन सकते हैं। इनका समय पर इलाज न कराना महत्वपूर्ण है।
लक्षणों पर ध्यान दें
- नई गांठ का महसूस होना
- गांठ के आकार या बनावट में बदलाव
- गांठ का स्तन की त्वचा से चिपकना
- गांठ के आसपास लालिमा, सूजन या दर्द होना
- ब्रेस्ट से डिस्चार्ज होना, खासकर यदि वह खूनी हो
- त्वचा में सिकुड़न या डिंपलिंग
बचाव के उपाय
- यदि कोई नई गांठ या बदलाव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- नियमित रूप से एक्सरसाइज, योग या ध्यान करें, जिससे कई बीमारियों से बचा जा सके।
- स्वस्थ आहार का सेवन करें।
- धूम्रपान, सिगरेट और शराब से बचें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए हमेशा डॉक्टर से परामर्श करें। अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें और सतर्क रहें!
