
कांकेर, (छत्तीसगढ़) : Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के माड़ के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़ ने इलाके में एक बार फिर से हिंसा का रूप ले लिया है। लगातार फायरिंग की खबरें सामने आ रही हैं, और सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के एक बड़े दल को घेर लिया है।
पुलिस अधीक्षक आई के एलिसेला ने मुठभेड़ की पुष्टि की है, जिसमें अब तक तीन नक्सलियों के शव बरामद होने की जानकारी मिली है। इसके साथ ही मौके से कुछ हथियार भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, मुठभेड़ में नक्सलियों की मौत की सही संख्या का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, क्योंकि संघर्ष जारी है और यह इलाका नक्सलियों का प्रभावी गढ़ माना जाता है, जहां सुरक्षाबलों से संपर्क नहीं हो पा रहा।
इससे पहले, 4 अक्टूबर को अबूझमाड़ के जंगलों में छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन चलाया गया था, जिसमें 31 नक्सली मारे गए थे। हालांकि, नक्सलियों ने दावा किया था कि कुल 35 नक्सली मारे गए। इसके बाद, 18 अक्टूबर को बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने इस मुठभेड़ में कुल 38 नक्सलियों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि की थी।
राजनांदगांव में भी मुठभेड़
इससे पहले शुक्रवार को राजनांदगांव जिले के मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब जवानों ने खुर्सेकला जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जब जवान लौट रहे थे, तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि, जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली भागने में सफल रहे। इस मुठभेड़ में DRG मानपुर, बसेली आईटीबीपी 44वीं वाहिनी और मदनवाड़ा कैंप आईटीबीपी 27वीं वाहिनी के जवानों ने भाग लिया था।
नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम
छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है। राज्य में सुरक्षा बलों के 250 नए कैंप स्थापित करने की योजना है, जो नक्सलियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशंस को बढ़ावा देंगे और इन इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
