
नागौर. Corruption In Kcc Scheme: नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में किसानों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या को उठाया है। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में हो रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि सरकार ने किसानों की आर्थिक सहायता के लिए इस योजना की शुरुआत की थी, लेकिन कुछ भ्रष्ट बैंक अधिकारी और तहसील कर्मचारी इस योजना का गलत फायदा उठा रहे हैं।
केसीसी योजना में किसानों से हो रही लूट
सांसद बेनीवाल ने लोकसभा के शून्यकाल में कहा कि जब भी कोई किसान किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन लेने के लिए बैंक जाता है, तो उसे एक सर्च रिपोर्ट नामक दस्तावेज की मांग की जाती है। यह रिपोर्ट यह सुनिश्चित करने के लिए होती है कि किसान की जमीन पर कोई अन्य कर्ज या कानूनी विवाद न हो। हालांकि, यह रिपोर्ट 200-500 रुपए में आसानी से तैयार हो जाती है, लेकिन किसानों से इसके नाम पर 5,000 से 10,000 तक की राशि वसूल की जाती है। यह भ्रष्टाचार का एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है जिसमें बैंक अधिकारी, तहसील कर्मचारी और बिचौलिए मिलकर किसानों को लूटने का काम कर रहे हैं।
किसानों के लिए राहत या और कर्ज?
सांसद बेनीवाल ने कहा कि किसान पहले ही महंगाई, कर्ज और फसल के कम दामों से जूझ रहे हैं। ऐसे में जब उन्हें सरकार से मदद मिलनी चाहिए थी, तब यह भ्रष्टाचार उनके ऊपर और कर्ज का बोझ डाल रहा है। कई किसान मजबूरी में उधार लेकर रिश्वत देने को मजबूर हो जाते हैं ताकि उन्हें लोन मिल सके।
निगरानी तंत्र और डिजिटल समाधान की मांग
बेनीवाल ने मांग की कि सरकार इस समस्या का समाधान करे और डिजिटल सर्च रिपोर्ट की व्यवस्था एक तय कीमत पर उपलब्ध कराए। साथ ही, बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया जाए और किसानों के हित में प्रभावी निगरानी तंत्र लागू किया जाए, ताकि इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
समग्र शिक्षा अभियान में कटौती पर भी उठाया सवाल
इसके अलावा, सांसद ने लोकसभा में नियम 377 के तहत राजस्थान में समग्र शिक्षा अभियान के तहत केंद्र से मिलने वाली राशि में 1200 करोड़ रुपए की कटौती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कटौती से राजस्थान के सरकारी स्कूलों में साइंस लैब, लाइब्रेरी, छात्राओं के लिए सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और खेल किटों की खरीद में समस्याएं आएंगी, जिससे शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
सांसद की अपील
बेनीवाल ने सरकार से किसानों और शिक्षा के मामले में तुरंत और प्रभावी कदम उठाने की अपील की, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और किसानों की स्थिति में सुधार हो सके।
