
डीग(राजस्थान). Cultivating Dragon Fruit: राजस्थान के डीग जिले के प्रगतिशील किसान नत्थीलाल शर्मा की कहानी उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो परंपरागत खेती से थक चुके हैं और कुछ नया करने का सोच रहे हैं। नत्थीलाल शर्मा, जो पहले परंपरागत फसलों पर निर्भर थे, अब ड्रैगन फ्रूट की खेती (Cultivating Dragon Fruit) करके न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि इलाके के अन्य किसानों के लिए भी एक उदाहरण बन गए हैं।
ड्रैगन फ्रूट का आकर्षण
नत्थीलाल शर्मा का सफर तब शुरू हुआ जब उन्होंने अपने बेटे के डॉक्टर दोस्त से जोधपुर में ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) की खेती के बारे में सुना। प्रेरित होकर, उन्होंने 2 साल पहले 6 बीघा ज़मीन में ड्रैगन फ्रूट के 2800 पौधे लगाए। कुछ ही समय में, जून के महीने में फूल लगने शुरू हो गए और जुलाई तक फल भी आने लगे। अब, जब पहली पैदावार पूरी तरह तैयार हो रही है, तो इनकी गुणवत्ता इतनी शानदार है कि दिल्ली तक से मांग आ रही है।
कारोबार में सफलता का मापदंड
नत्थीलाल शर्मा का कहना है कि उनका एक ड्रैगन फ्रूट 800 ग्राम तक का हो सकता है, और इसके लिए वे प्रति फल 100-150 रुपए तक कमा रहे हैं। जैसे-जैसे पौधे बड़े होंगे, इनकी पैदावार भी बढ़ेगी और एक पौधे से 25-30 किलो फल प्राप्त होंगे। अनुमान के मुताबिक, 2800 पौधों से प्रति सीजन में लगभग 70 टन तक उत्पादन हो सकता है, जिससे अच्छी खासी आमदनी की उम्मीद है।
चुनौतियां भी रही बड़ी
हालांकि, इस यात्रा में भी कुछ चुनौतियाँ थीं। नत्थीलाल शर्मा के खेत तक पहुंचने के लिए मार्ग खराब था, जिससे उनके लिए खेती में इस्तेमाल होने वाले सामानों को लाने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने जिला प्रशासन से इस बारे में शिकायत भी की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं मिला है।

ड्रैगन फ्रूट का स्वास्थ्य पर असर
ड्रैगन फ्रूट केवल एक व्यापारिक फसल नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसमें विटामिन C, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और सूक्ष्म पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों के लिए फायदेमंद हैं। इसके अलावा, यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ डेंगू और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव में भी मदद करता है।
किसानों के लिए आदर्श
राजस्थान में ड्रैगन फ्रूट की खेती बढ़ रही है और नत्थीलाल शर्मा की तरह, अब कई अन्य किसान भी इसकी खेती में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश, पंजाब, गुजरात और हरियाणा में भी ड्रैगन फ्रूट की खेती के तरीकों को समझने के लिए दौरे किए। किसानों के लिए यह एक नई दिशा है, जिसमें कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने की संभावना है।
भविष्य की संभावनाएं
नवाचार और नए कृषि प्रयासों की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए किसान अब ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह न केवल स्थानीय किसानों के लिए एक लाभकारी फसल हो सकती है, बल्कि भारत में इसको बढ़ावा देने से कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा मिल सकती है।नत्थीलाल शर्मा की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसान अपनी मेहनत और सही मार्गदर्शन के साथ नई तकनीकों को अपनाएं, तो वे अपनी किस्मत बदल सकते हैं।
भारत में ड्रैगन फ्रूट की खेती और उत्पादन
भारत में ड्रैगन फ्रूट की खेती तेजी से बढ़ रही है, और यह एक प्रमुख उष्णकटिबंधीय फल बन चुका है। इसकी खेती विभिन्न राज्यों में की जा रही है, जो इसके बढ़ते उत्पादन और लोकप्रियता को दर्शाता है।
प्रमुख राज्य जहां ड्रैगन फ्रूट की खेती होती है
- मिजोरम – भारत में ड्रैगन फ्रूट की खेती का सबसे बड़ा क्षेत्र मिजोरम में है। यहाँ के जलवायु और मिट्टी इस फसल के लिए उपयुक्त हैं, और राज्य में इसका उत्पादन बहुत बढ़ा है।
- गुजरात – गुजरात में भी ड्रैगन फ्रूट की खेती काफी बढ़ी है, विशेष रूप से कच्छ और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में।
- कर्नाटका – कर्नाटका में इस फसल की खेती तेजी से फैल रही है, और यह राज्य भी प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है।
- महाराष्ट्र – महाराष्ट्र में पुणे, नासिक, और नागपुर जैसे इलाकों में भी ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है।
- राजस्थान – राजस्थान के कुछ क्षेत्रों, जैसे जोधपुर और भरतपुर में भी ड्रैगन फ्रूट की खेती हो रही है, खासकर जहां उष्णकटिबंधीय जलवायु है।
- तमिलनाडु – तमिलनाडु में भी कुछ क्षेत्रों में ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है, विशेष रूप से चेन्नई और आसपास के इलाकों में।
भारत में ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन
भारत में ड्रैगन फ्रूट की खेती लगभग 3000 हेक्टेयर क्षेत्र में हो रही है। हालांकि, उत्पादन की स्थिति राज्यवार बदलती रहती है, और कुछ प्रमुख उत्पादक राज्य जैसे मिजोरम, गुजरात और कर्नाटका में इसका उत्पादन सबसे अधिक है। भारत में ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन बढ़ने के साथ इसकी स्थानीय और निर्यात बाजार में भी मांग बढ़ी है।समग्र रूप से, ड्रैगन फ्रूट की खेती भारत में एक उभरती हुई फसल बन चुकी है, और भविष्य में इसके उत्पादन और आय में और वृद्धि होने की संभावना है।
ड्रेगन फ्रूट के गुण क्या हैं
ड्रैगन फ्रूट, जिसे पिटाया भी कहा जाता है, एक अत्यधिक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक फल है। इसमें कई प्रकार के गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। यहां कुछ प्रमुख गुण दिए गए हैं:
- विटामिन C से भरपूर
ड्रैगन फ्रूट में उच्च मात्रा में विटामिन C होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। - फाइबर का अच्छा स्रोत
इसमें उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता है। - एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर
ड्रैगन फ्रूट में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर से हानिकारक फ्री रेडिकल्स को निकालने में मदद करते हैं और विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव करते हैं। - मधुमेह (Diabetes) के लिए फायदेमंद
ड्रैगन फ्रूट का नियमित सेवन रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, और यह मधुमेह रोगियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होता है। - दिल के लिए अच्छा
इसमें मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) और ओमेगा-3 व ओमेगा-6 फैटी एसिड दिल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं और कोलेस्ट्रॉल स्तर को संतुलित करते हैं। - हृदय और रक्तचाप के लिए लाभकारी
ड्रैगन फ्रूट में पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। - त्वचा की सेहत
इसके एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। यह उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने और झुर्रियों को रोकने में सहायक है। - पाचन में मदद
ड्रैगन फ्रूट में उपस्थित प्रीबायोटिक तत्व पेट की अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं और आंतों के स्वास्थ्य को सुधारते हैं। - वजन घटाने में सहायक
यह फल कम कैलोरी और उच्च फाइबर वाला होता है, जिससे यह वजन घटाने में मदद कर सकता है क्योंकि यह लंबे समय तक पेट को भरा हुआ महसूस कराता है। - प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद
डेंगू जैसे बुखार के मामलों में ड्रैगन फ्रूट का सेवन प्लेटलेट्स को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।ड्रैगन फ्रूट के इन सभी गुणों के कारण यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक लाभकारी है।
