
दिल्ली. Delhi Assembly Elections 2025: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी से गठबंधन करके जीतने वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) अब दिल्ली में बीजेपी से अलग राह पर चलने का फैसला किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
एनसीपी का चुनावी घोषणा पत्र
एनसीपी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 11 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। जिन सीटों पर पार्टी ने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उनमें प्रमुख सीटें बुरारी, बदली, मंगोल पुरी, चांदनी चौक, बाली मारान, छतरपुर, संगम विहार, ओखला, लक्ष्मीनगर, सीमापुरी, और गोकल पुरी शामिल हैं। एनसीपी ने जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, उनमें रतन त्यागी (बुरारी), मुलायम सिंह (बदली), खेम चांद (मंगोल पुरी), खालिद उर रहमान (चांदनी चौक), मोहम्मद हारून (बाली मारान), नरेंद्र तनवीर (छतरपुर), कुमर अहमद (संगम विहार), इमरान सैफी (ओखला), नामहा (लक्ष्मीनगर), राजेश लोहिया (सीमापुरी) और जगदीश भगत (गोकल पुरी) शामिल हैं।
एनसीपी की बढ़ी महत्वाकांक्षाएं
एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव ने इस बाबत मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पार्टी कुल 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। पहले चरण में 11 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए गए हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम अगले सप्ताह घोषित किए जाएंगे। श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि 2019 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षाकृत अच्छा समर्थन मिला था, हालांकि चुनाव परिणाम उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं थे। फिर भी उन्होंने दिल्ली की जनता के बीच अपनी पार्टी की पैठ को महसूस किया और इस बार चुनावी मैदान में कूदने का निर्णय लिया।
बीजेपी से गठबंधन की संभावनाओं का हुआ अंत
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी से गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली एनसीपी ने दिल्ली में बीजेपी से गठबंधन के विचार को खारिज कर दिया है। बृजमोहन श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली में बीजेपी के साथ गठबंधन की बातचीत हुई थी, लेकिन बीजेपी की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि एनसीपी के उम्मीदवार अपने-अपने इलाकों में बेहद लोकप्रिय हैं और उनकी पार्टी दिल्ली में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का चुनावी मुकाबला
दिल्ली विधानसभा की कुल 70 सीटों पर चुनाव होना है। इस बीच, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने पहले ही सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची जारी की है, जबकि बीजेपी की ओर से अभी तक कोई उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है।
दिल्ली चुनावों में बढ़ती जंग
दिल्ली विधानसभा चुनाव में एनसीपी की एंट्री ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच का मुकाबला तो पहले से ही जोर पकड़े हुए था, लेकिन एनसीपी का अपनी अलग चुनावी रणनीति पर चलने का निर्णय ने इस मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एनसीपी की यह नई रणनीति दिल्ली की सियासत में कितनी सफलता हासिल करती है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए एनसीपी की ओर से 11 उम्मीदवारों का ऐलान इस बात को स्पष्ट करता है कि पार्टी ने इस बार दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत करने का पूरा इरादा किया है। बीजेपी से गठबंधन की राह छोड़ने के बाद एनसीपी की ओर से अब एक स्वतंत्र चुनावी रणनीति अपनाई जा रही है, जो दिल्ली की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
