
Delhi Cash News: दिल्ली हाईकोर्ट के जज, जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर कथित रूप से मिली जली हुई नकदी का मामला अब सुर्खियों में है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर जाँच के लिए रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है, जिसमें पारदर्शिता का ध्यान रखते हुए कुछ हिस्सों को गोपनीय रखा गया है। यह कदम न्यायपालिका की ईमानी विरासत को बरकरार रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा की प्रतिक्रिया और पूरे मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है।
क्या बोले जस्टिस वर्मा?
जस्टिस वर्मा ने उन आरोपों का खंडन किया है जिसमें उनके घर से भारी मात्रा में नकदी मिलने की बात कही गई थी। पुलिस द्वारा साझा किए गए वीडियो को लेकर उनका कहना था, “मैं हैरान था क्योंकि उस वीडियो में जो दिखाया गया था, वह मौके पर नहीं मिला। यह साफ तौर पर मुझे फंसाने की साजिश थी।”
रिपोर्ट में सामने आई जानकारी
भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना को सौंपी गई रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा ने बताया कि घटना के वक्त वह भोपाल में थे और उन्हें यह जानकारी उनकी बेटी से मिली थी। रिपोर्ट में कहा गया कि कमरे में काला जला हुआ पदार्थ पड़ा हुआ था, और जब वर्मा ने पुलिस आयुक्त द्वारा साझा की गई तस्वीरें और वीडियो देखे, तो उन्हें किसी साजिश का संदेह हुआ।
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर दस्तावेजों की अपलोडिंग
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने 21 मार्च को दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे थे:
- क्या आप अपने परिसर में स्थित कमरे में पाए गए पैसे की मौजूदगी को प्रमाणित कर सकते हैं?
- उस कमरे में मिले पैसे का स्रोत क्या था?
- वह कौन व्यक्ति था जिसने 15 मार्च 2025 की सुबह कमरे से जली हुई नकदी को निकाला था?
इसके अलावा, पिछले छह महीनों में जस्टिस वर्मा के घर पर तैनात कर्मचारियों, निजी सुरक्षा अधिकारियों और गाड्र्स के बारे में भी जानकारी मांगी गई है, साथ ही उनके मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड का विवरण भी पूछा गया है। यह मामला अब पूरी तरह से सार्वजनिक हो चुका है और इसके हर पहलू पर जांच की जा रही है।
