
नई दिल्ली. Delhi Metro News : दिल्ली में आज यानी सोमवार की सुबह कुछ परेशानियों वाली थी। दिल्ली मेट्रो धीमी गति से चल रही थी और कुछ ट्रेन सेवाओं को बंद भी कर दिया गया। ऐसे में स्कूल, कॉलेज और ऑफिस जाते समय लोगों को खासी परेशानियों से गुजरना पड़ा। लेकिन इस परेशानी की वजह क्या रही । ये आपको जानना भी बेहद जरूरी है क्योंकि मामला भूकंप के झटकों से जुड़ा हुआ था। इसी कारण दिल्ली मेट्रो व नमो भारत की स्पीड पर ब्रेक लग गए। ट्रेन धीमी गति से चल रही थी। दिल्ली-एनसीआर में अचानक भूकंप के तेज झटक लगने शुरू हुए। जिससे लोग घबरा गए और सभी घरों से बाहर आ गए। जिस समय दिल्ली में भूकंप आया था उस समय लोग नींद में थे, कुछ लोग ऐसे थे जो अपने ऑफिस जाने की तैयारी में जुटे हुए थे। गनीमत रही की भूकंप के झटके कुछ सैकण्ड तक ही थे। ऐसे में क्षेत्र में किसी प्रकार के बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि भूकंप के झटकों के कारण दिल्ली मेट्रो और रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम के संचालन पर कुछ असर पड़ा है। इन झटकों के कारण लोग ऑफिस के लिए देरी से रवाना हुए।
नहीं चली नमो भारत ट्रेन
भूंकप के झटकों के कारण नमो भारत ट्रेन का संचालन नहीं किया जा सका। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की खासा भीड़ हो गई। मेरठ साउथ से सुबह सात बजे तक नमो भारत ट्रेन नहीं चली। ऐसे में लोग इंतजार करने के बाद वापस लौट गए। कुछ लोग ट्रेन के चलने के इंतजार में रुके रहे। इसी दौरान सुबह 6.57 बजे आरआटीएस की ओर से अनाउंसमेंट किया कि मेरठ साउथथ्से सुबह सात बजे न्यू अशोक नगर के लिए ट्रेन रवाना होगी। इसको सुनने के बाद लोग तेजी के साथ स्टेशन की ओर बढ़ने लगे। ट्रेन में पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
नमो भारत ट्रेन में देरी, धीमी गति से चली
मेरठ साउथ से पहली ट्रेन का संचालन सुबह सात बजे किया गया। ये ट्रेन अन्य दिनों की अपेक्षा धीमी गति से चली। जिस ट्रेन का सफर मेरठ साउथ से न्यू अशोक 40 मिनट का होता है। उसी ट्रेन को गतंव्य तक पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया।
ये रही भूंकप की तीव्रता, धौला कुंआ रहा केन्द्र
दिल्ली में आए भूकंप की तीव्रता मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप सुबह 5.37 बजे आया था। इसकी तीव्रता 4.0 मैग्नीटयूड दर्ज की गई है। वहीं भूकंप का केन्द्र दिल्ली के धौलाकुआं में बताया जा रहा है। इसकी गहराई भी पांच किलोमीटर नीचे बताई है। भूकंप की भले ही तीव्रता नहीं हो, लेकिन तेज झटकों ने सबकी नींद उड़ा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका केन्द्र दिल्ली होने के कारण ही ऐसा महसूस किया गया है।
भूंकप को लेकर संवेदनशील है दिल्ली
भूकंप का लेकर दिल्ली-एनसीआर संवेदनशील क्षेत्र में आता है। ऐसा इसलिए कि यह क्षेत्र न केवल स्थानीय भूगर्भीय दरारों बल्कि हिमालय की निकटता के कारण भी संवेदनशील है। इस कारण यहां भूकंप की संभावना बनी रहती है।
यहां से गुजरती है एक भूगर्भीय संरचना
जानकारी के अनुसार दिल्ली- हरिद्वार रिज नामक एक भूगर्भीय संरचना इस क्षेत्र से होकर गुजरती है। जो अरावली पर्वत शृंखला का विस्तार माना जाता है। बताया जा रहा है ये सरंचना गंगा के मैदानों से होते हुए हिमालय तक पहुंचती है। इस कारण दिल्ली-एनसीआर भूकंप की दृष्टि से खतरे में ही रहता है। इसको लेकर लोगों को सतर्क रहना होगा। विशेषज्ञों की मानें तो घनी आबादी वाले दिल्ली में हर समय भूकंप का खतरा बना रहता है। जब भी भूकंप के झटकें लगे तो लोग घबराएं नहीं, किसी मजबूत जगह पर शरण लें। भूकंप के झटकों के समय सबसे जरूरी है कि लोग घबराएं नहीं और किसी मजबूत जगह पर सुरक्षित शरण लें।
