इटावा/नई दिल्ली. Delhi train accident: दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए भगदड़ हादसे में डेढ़ दर्जन यात्रियों की मौत और कई अन्य के घायल होने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा देने की मांग की है। दोनों नेताओं ने इस हादसे के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए ठोस जांच की आवश्यकता जताई है।
कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बयान
इटावा में रविवार को यूथ कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारणी की बैठक में भाग लेने पहुंचे अजय राय ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई इस भगदड़ को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसे पूरी तरह से टाला जा सकता था। सरकार लोगों को तो बुला लेती है, लेकिन उनके लिए जरूरी व्यवस्था नहीं कर पाती।” राय ने सीधे तौर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा, “अगर रेल मंत्री अपनी जिम्मेदारी का एहसास करते हैं, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।”
अजय राय ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां आम लोगों के हित में नहीं हैं, और उनका मुख्य ध्यान केवल उद्योगपतियों के फायदे पर है। उन्होंने आगामी महाकुंभ के संदर्भ में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 19 फरवरी को प्रयागराज में महाकुंभ में शामिल होंगे। इसके अलावा, राय ने इटावा की बदहाल सडक़ों और जाम की समस्या को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि यह प्रदेश का प्रमुख जिला है, लेकिन यहां विकास कार्यों का अभाव है।
ओवैसी की स्वतंत्र जांच की मांग
वहीं, दिल्ली में हुई इस भीषण दुर्घटना पर ओवैसी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। हैदराबाद में शनिवार रात एक बयान में उन्होंने नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ की स्वतंत्र, न्यायिक निगरानी वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की। ओवैसी ने इस घटना को ‘व्यवस्थागत विफलता’ करार देते हुए कहा, “यह एक ऐसी त्रासदी थी, जिसे टाला जा सकता था, लेकिन भाजपा सरकार इसे छिपाने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने ट्वीट किया, “इस त्रासदी की स्वतंत्र और न्यायिक निगरानी वाली एसआईटी से जांच की जानी चाहिए, ताकि भारतीय रेलवे की व्यवस्थागत विफलताओं की पूरी तरह से पड़ताल की जा सके।”
ओवैसी ने भारतीय रेलवे को भारतीय जनता की जीवन रेखा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुप्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “भारतीय रेलवे लाखों भारतीयों की जीवन रेखा है, और इसे कुप्रबंधन की भेंट नहीं चढऩे दिया जाना चाहिए।”
हादसे में मौत और घायलों की संख्या
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात को यह भगदड़ उस समय मची जब हजारों यात्री एक ही प्लेटफॉर्म पर इक_ा हो गए थे। हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसा अत्यधिक भीड़-भाड़ के कारण हुआ, लेकिन इस दुर्घटना को लेकर सही वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल द्वारा इस घटना की जांच की जा रही है।
इस हादसे के बाद से ही भारतीय रेलवे और केंद्रीय रेल मंत्रालय पर सवाल उठाए जा रहे हैं, और विपक्षी पार्टियों द्वारा इस मामले में जांच की मांग जोर पकड़ रही है। खासकर अजय राय और ओवैसी जैसे प्रमुख नेता इस घटना को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि दोषियों को सजा दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सरकार के खिलाफ विपक्षी एकजुट
इस घटना के बाद से विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए यह भी आरोप लगाया कि यह भगदड़ प्रशासनिक लापरवाही और नाकामी का परिणाम है। कांग्रेस और एआईएमआईएम के नेताओं ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में न हों और रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना के बाद रेल मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा दी गई शुरुआती प्रतिक्रिया में कहा गया है कि जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि जब तक एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नहीं की जाती, तब तक जिम्मेदार लोगों को सजा देना संभव नहीं होगा।
