
जयपुर. Education News: प्रदेश में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित होने वाला प्रवेशोत्सव इस साल मई में नहीं होगा। यह आयोजन, जो पिछले कई वर्षों से 1 मई से शुरू होकर जुलाई तक चलता रहा है, इस बार कुछ बदलावों के कारण जून में शुरू होगा। आइए जानते हैं इसके पीछे के कारण और नई योजना के बारे में।
क्यों नहीं होगा मई में प्रवेशोत्सव?
इस साल प्रदेश में राज्य स्तरीय समान परीक्षा का आयोजन 24 अप्रैल से 8 मई तक होगा। इस परीक्षा के परिणाम तैयार करने के बाद ही प्रवेशोत्सव की शुरुआत हो सकेगी। गौरतलब है कि इस वर्ष से कक्षा 9 और 11 के लिए रा’य स्तरीय समान परीक्षा योजना लागू की गई है, जिसमें पूरे प्रदेश में एक ही समय और एक जैसे प्रश्नपत्रों के साथ परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसके साथ ही कक्षा 1 से 4 और कक्षा 6 से 7 की परीक्षाएं भी रा’य स्तरीय परीक्षा के समानांतर विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
ग्रीष्मावकाश और प्रवेशोत्सव का नया समय
राज्य स्तरीय समान परीक्षा के परिणाम तैयार करने के बाद 17 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश रहेगा, जिससे विद्यालय बंद रहेंगे। इसलिए इस बार प्रवेशोत्सव जुलाई में ही शुरू होगा। अब तक प्रवेशोत्सव मई से जुलाई तक चलता था, जिसमें नामांकन वृद्धि और शैक्षिक जागरूकता के लिए विभिन्न गतिविधियाँ जैसे हाउसहोल्ड सर्वे और प्रचार-प्रसार की जाती थीं।
इस वर्ष के परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी:
- कक्षा 10 (माध्यमिक शिक्षा बोर्ड): 6 मार्च से 4 अप्रैल तक
- कक्षा 12 (माध्यमिक शिक्षा बोर्ड): 6 मार्च से 9 अप्रैल तक
- कक्षा 8 (प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र): 20 मार्च से 1 अप्रैल तक
- कक्षा 5 (प्राथमिक शिक्षा अधिगम स्तर मूल्यांकन): 7 अप्रैल से 16 अप्रैल तक
- कक्षा 9 और 11 (रा’य स्तरीय समान परीक्षा): 24 अप्रैल से 8 मई तक
- कक्षा 1 से 4 और कक्षा 6 से 7 (स्थानीय परीक्षा): राज्य स्तरीय समान परीक्षा के समानांतर
कैसे चलता था पहले प्रवेशोत्सव?
अब तक, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में स्थानीय परीक्षाएं समाप्त हो जाती थीं, और अप्रैल को परीक्षा परिणाम के बाद 1 मई से शैक्षिक सत्र की शुरुआत होती थी, जिसे प्रवेशोत्सव के रूप में मनाया जाता था। यह उत्सव 1 मई से शुरू होकर जुलाई तक चलता था, जिसमें प्रवेश के लिए व्यापक प्रचार, हाउसहोल्ड सर्वे, और नामांकन वृद्धि के प्रयास किए जाते थे।
