sanskritiias

Election Commission of India: भारत निर्वाचन आयोग का अभूतपूर्व संपर्क अभियान: 28,000 से अधिक राजनीतिक प्रतिनिधियों ने की भागीदारी

Share this post

Election comission Of india
Election comission Of india

जयपुर. Election Commission of India: लोकतंत्र की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एक अभूतपूर्व और व्यापक संपर्क अभियान शुरू किया है, जिसे राजनीतिक दलों और निर्वाचन अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया था। इस अभियान के तहत, 25 दिनों की अवधि में, 31 मार्च तक पूरे देश में कुल 4,719 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें 28,000 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। यह पहल यह सुनिश्चित करने के लिए थी कि चुनावी प्रक्रिया के किसी भी पहलू में कोई भ्रम या लंबित मुद्दा न रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया सही तरीके से आगे बढ़े।

इस अभियान की शुरुआत 4-5 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन से हुई, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मिलने और चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए थे। इस दौरान विभिन्न स्तरों पर, जैसे मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा कुल 4,719 बैठकें आयोजित की गईं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 40 बैठकें

इन बैठकों में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 40 बैठकें, जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा 800 बैठकें और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा 3,879 बैठकें शामिल थीं। इन बैठकों में, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न चुनावी मुद्दों पर चर्चा की और उन मुद्दों को हल करने के लिए सुझाव दिए। आयोग ने इन बैठकों का आयोजन इस उद्देश्य से किया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े किसी भी लंबित मुद्दे का समाधान जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960, चुनाव संचालन नियम, 1961 और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों और निर्देशों के अनुरूप किया जाए।

इस विशेष अभियान का एक और उद्देश्य था यह सुनिश्चित करना कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और निर्वाचन अधिकारियों के स्तर पर चुनावी प्रक्रिया में कोई रुकावट या विलंब न हो। आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुनावी मुद्दों पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी, ताकि यदि कोई मुद्दा कानूनी ढांचे के भीतर न सुलझा हो, तो उसे आयोग के स्तर पर हल किया जा सके। इस अभियान को देशभर के विभिन्न राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधियों से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने इस प्रयास को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। बैठकें विधानसभा क्षेत्रों, जिलों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय रूप से आयोजित की गईं, जिसमें पार्टी प्रतिनिधियों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया और चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक पहलू पर अपने विचार साझा किए।

भारत निर्वाचन आयोग ने इस अभियान के माध्यम से देशभर के नागरिकों और राजनीतिक दलों के बीच विश्वास और संवाद का माहौल तैयार किया है। इस पूरे अभियान की तस्वीरें और विवरण अब भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर देखे जा सकते हैं, जिससे लोगों को इस पहल की प्रगति और उसके प्रभाव का साक्षात अनुभव होता है।

Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

Leave a Comment

ख़ास ख़बरें

ताजातरीन

best news portal development company in india