
जयपुर. Election Meeting: राज्य में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में निर्वाचन आयोग ने देशभर में चुनावी सुधारों के लिए रचनात्मक सुझाव मांगे, जिससे चुनावी व्यवस्था को नए रूप में ढाला जा सके।
सुधारों के लिए राजनीतिक दलों से रचनात्मक सुझाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावी प्रक्रिया को मौजूदा संवैधानिक ढांचे के भीतर अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि आयोग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे हैं, जो चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
राज्य-स्तरीय बैठक में आए महत्वपूर्ण सुझाव
महाजन शुक्रवार को शासन सचिवालय में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में चुनावी सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न दलों से रचनात्मक विचारों को एकत्र किया गया। उन्होंने बताया कि राज्य भर में विधानसभा और जिला स्तर पर भी बैठकें आयोजित की गई थीं, जिनमें 1,100 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन बैठकें में आए सुझावों को भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा, ताकि उन पर आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
आधिकारिक बैठक में 1,100 से अधिक राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि 20 मार्च तक विधानसभा स्तर पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में 921 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जबकि 25 मार्च तक जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) द्वारा आयोजित बैठकों में 182 प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन बैठकों के दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।
बीएलए की भूमिका को और अधिक सक्रिय बनाना
महाजन ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से यह अपील की कि वे बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका को और अधिक सक्रिय बनाएं। उन्होंने बताया कि बीएलए का चुनाव के समय मतदान, मतगणना और मतदाता सूचियों में सुधार के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस संदर्भ में, बीएलए की सूची निर्वाचन अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाए ताकि वे स्थानीय चुनाव अधिकारियों (बीएलओ) के साथ मिलकर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकें।
मुख्य सुझाव: आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र का लिंक, विशेष शिविर का आयोजन
बैठकों के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें मतदाता पहचान पत्र को आधार कार्ड से लिंक करने, बीएलए को निर्वाचन विभाग द्वारा प्रशिक्षित करने, घुमंतू परिवारों के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में जोडऩे के लिए विशेष शिविरों का आयोजन, रंगीन मतदाता सूचियों की प्रतियां उपलब्ध करवाने और 18 वर्ष के युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोडऩे के लिए आधार डाटा का उपयोग करने जैसे सुझाव शामिल थे।
आयोग को 31 मार्च तक रिपोर्ट सौंपे जाने की प्रक्रिया
महाजन ने बताया कि इन बैठकों से प्राप्त सभी सुझावों को एकत्र करके एक तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे 31 मार्च तक निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा। राज्य-स्तरीय बैठक में विभिन्न प्रमुख राजनीतिक दलों जैसे भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी), बहुजन समाज पार्टी और भारत आदिवासी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए और चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए।
