
नई दिल्ली. Gautam Adani: देश के सबसे बड़े कारोबारी और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने अहमदाबाद कोर्ट को आदेश दिया है कि अडानी को जल्द से जल्द समन और नोटिस भेजा जाए। यह मामला एक अमेरिकी अदालत से जुड़ा है, जहां अडानी पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।
मामला क्या है?
जानकारी के अनुसार, अडानी ग्रीन और सोलर कंपनी एज्योर पावर पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी निवेशकों के धन का दुरुपयोग किया। ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को मोटी रिश्वत दी गई। बताया जा रहा है कि यह रिश्वत 2020 से 2024 के बीच दी गई थी, जिसकी कुल राशि लगभग 25 करोड़ डॉलर (2236 करोड़ रुपये) है। आरोप है कि इस धनराशि का इस्तेमाल सोलर ऊर्जा के अनुबंधों को उच्च कीमतों पर जीतने के लिए किया गया, और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब कुछ अमेरिकी निवेशकों से छुपाया गया था।
सरकार की कार्रवाई: कोर्ट को दी खुली छूट
25 फरवरी को केंद्रीय कानून मंत्रालय ने अहमदाबाद कोर्ट को एक पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि यह मामला विदेशी अदालत के फैसले से संबंधित है, इसलिए इसे जल्द से जल्द निपटाना जरूरी है। मंत्रालय ने कोर्ट को निर्देश दिया कि अडानी को समन और नोटिस भेजा जाए। सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और यह जल्द ही अडानी तक पहुंचेगा। हालांकि , Zee 24 Kalak की टीम ने जिला कोर्ट रजिस्ट्रार और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने चुप्पी साध ली। इसका कारण बताया गया कि यह मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और मंत्रालय से जुड़ा हुआ है।
आरोपियों की सूची और मामला की गंभीरता
इस मामले में अडानी के अलावा उनके भतीजे सागर अडानी, और विनीत जैन समेत कुल 7 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। आरोपियों पर विदेशी निवेशकों के पैसे का दुरुपयोग कर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने के गंभीर आरोप हैं। अहमदाबाद कोर्ट का नोटिस इस मामले को और भी गंभीर बना सकता है, क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का मामला बनता जा रहा है।
अडानी ग्रुप की प्रतिक्रिया: अब क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अडानी और उनके साथी इस नोटिस का कैसे जवाब देंगे। अभी तक अडानी ग्रुप की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
