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Himachal Cm Bhawan: हिमाचल भवन पर कुर्की का आदेश, CM सुक्खू का बयान: ‘मैंने नहीं पढ़ा हाईकोर्ट का आदेश’

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Himachal Bhawan

नई दिल्ली. Himachal Cm Bhawan:  हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस सरकार की नाकामी के कारण दिल्ली के मंडी हाउस स्थित हिमाचल भवन को कुर्क करने का आदेश दिया। यह कदम सरकार द्वारा बकाया बिजली बिलों का भुगतान न करने पर उठाया गया। हाईकोर्ट का यह आदेश इस वजह से चर्चा में है क्योंकि इसमें हिमाचल भवन की नीलामी की संभावना का भी उल्लेख किया गया है।
CM सुक्खू का बयान: ‘मैंने आदेश नहीं पढ़ा’

Himachal Cm Sukhu

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैंने हाईकोर्ट का आदेश अभी तक नहीं पढ़ा है, लेकिन मैंने इस बारे में जानकारी ली है और हम इसे विस्तार से अध्ययन करेंगे।” CM ने यह भी बताया कि 2006 की ऊर्जा नीति के तहत जब अग्रिम प्रीमियम की बात हुई थी, वे इसके मुख्य वास्तुकार थे और सरकार ने इस मामले में 64 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। उन्होंने कहा, “हमने उच्च न्यायालय में मध्यस्थता आदेश के खिलाफ अपील की थी, और सरकार को यह राशि जमा करनी पड़ी।”
महाधिवक्ता का बयान: सामान्य प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप कुमार रतन ने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह आदेश एक निष्पादन याचिका के आधार पर आया, जिसमें सेली हाइड्रोपावर ने 64 करोड़ रुपये के अग्रिम प्रीमियम की वापसी की मांग की थी। हालांकि, रतन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस खबर का महत्व इसलिए बढ़ गया क्योंकि अदालत ने हिमाचल भवन की कुर्की और नीलामी की संभावना का उल्लेख किया।
भाजपा की आलोचना: ‘हिमाचल प्रदेश को बर्बाद कर दिया
वहीं, भा.ज.पा. के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि इस सरकार ने हिमाचल प्रदेश को “पूरी तरह से बर्बाद” कर दिया है। ठाकुर ने कहा, “नए नीति के तहत हाइड्रो सेक्टर में निवेश की उम्मीद थी, लेकिन सरकार की नीतियों से प्रोजेक्ट में काम कर रहे लोग सरकार से नाखुश होकर राज्य छोड़ रहे हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ किए गए कई महत्वपूर्ण समझौतों को भी सवालों के घेरे में डाल दिया है।
राजनीतिक संग्राम जारी
यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें एक ओर हिमाचल सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इसे सत्ता में नाकामी और प्रदेश की आर्थिक हालत के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

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