
हिमाचल प्रदेश. Himachal Pradesh Congress: प्रदेश में कांग्रेस के भीतर एक बड़ी राजनीतिक हलचल मच गई है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की पूरी इकाई को भंग कर दिया है, जिसमें जिला अध्यक्षों से लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों तक की संरचना शामिल है। यह कदम कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी को लेकर उठाया गया है, जो पार्टी की ताकत को कमजोर कर रही थी।
भंग की गई प्रदेश इकाई, सुधार की तैयारी
कांग्रेस ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की संपूर्ण राज्य इकाई, जिला अध्यक्षों और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के सी वेणुगोपाल द्वारा जारी इस बयान में कहा गया कि यह कदम पार्टी के भीतर सुधार की दिशा में उठाया गया है।
गुटबाजी की कड़ी आलोचना: वजह बनी हार
यह कदम राज्यसभा उपचुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद उठाया गया, जब पार्टी के अंदर गुटबाजी और दलबदल की घटनाएं सामने आईं। राज्यसभा चुनाव के दौरान, कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हार का सामना करना पड़ा, क्योंकि पार्टी के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग करते हुए भाजपा के उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में चले गए। इस गुटबाजी ने पार्टी को चुनावी परिणामों में नुकसान पहुंचाया, और कांग्रेस की एकता को बड़ा धक्का दिया।
कांग्रेस में नए बदलाव की आहट
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस इकाई में लंबे समय से चल रही आंतरिक कलह और गुटबाजी ने पार्टी की कार्यक्षमता पर असर डाला है। ऐसे में मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा इस drastic कदम को उठाया गया है, ताकि पार्टी को एक नई दिशा मिल सके और भविष्य में ऐसे मुद्दों से निपटने में और मजबूती आ सके।
