
Hydrogen Train: भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय रेलवे मंत्रालय पूरी गति से इस ट्रेन को पेश करने के लिए काम कर रहा है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा बनाई जा रही है, जो इस क्षेत्र में सबसे अग्रणी है। यह पहल भारत को सतत परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। रेलवे मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 2,800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
विशेषताएं और लाभ
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली इस ट्रेन का उद्देश्य पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बड़े लाभ देना है, क्योंकि यह शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन ट्रेन इंजन क्षमता हासिल की है, जो 1,200 हॉर्सपावर की है। जबकि दुनिया भर में अधिकांश हाइड्रोजन ट्रेनें 500 से 600 हॉर्सपावर के बीच होती हैं, भारत ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
लॉन्च की तारीख और स्पीड
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन मई महीने में लॉन्च होने की योजना है। इसकी 1,200 हॉर्सपावर की क्षमता इसे एक ग्लोबल बेंचमार्क के रूप में स्थापित करेगी। इस परियोजना के साथ ही 9,000 हॉर्सपावर की नई लोकोमोटिव जैसी तकनीकी प्रगति भी भारत के रेलवे नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर मजबूती दे रही हैं।
रूट और स्टॉपेज
पहली हाइड्रोजन ट्रेन को उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन में सौंपा गया है, और यह जिंद-सोनीपत सेक्शन पर 89 किलोमीटर के रास्ते पर चलने की संभावना है। यह पहल भारत को रेलवे क्षेत्र में एक नई दिशा और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाएगी, जहां पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और उच्च-तकनीकी रेलवे नेटवर्क का निर्माण हो रहा है।
