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नई दिल्ली. Hyperloop news: भारत की रेलवे क्रांति अब एक नई ऊँचाई पर पहुंचने वाली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ने देश की पहली हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक तैयार कर दी है, जो भारत में परिवहन के भविष्य को बदलने के लिए तैयार है। यह प्रोजेक्ट एल&टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के सहयोग से विकसित किया गया है और इसके डिजाइन को एलन मस्क की स्पेसएक्स से भी मान्यता मिली है।
हाइपरलूप क्या है?
हाइपरलूप एक अल्ट्रा-हाई-स्पीड, सौर-ऊर्जा पर चलने वाली परिवहन प्रणाली है, जिसमें मैग्नेटिक लेविटेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
- स्पीड: 1,200 किमी/घंटा तक की गति
- दूरी: मुंबई से पुणे सिर्फ 25 मिनट में
- टेक्नोलॉजी: इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म का उपयोग कर लगभग-शून्य वायु प्रतिरोध के साथ तेज़ गति से चलने वाली पॉड प्रणाली
भारत का पहला हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक
- लंबाई: 410 मीटर (टेस्ट रन के लिए तैयार)
- घोषणा: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस ट्रैक का वीडियो साझा किया, जिसमें इसकी सफलता को दिखाया गया है।
मुंबई-पुणे के बीच हाइपरलूप की विशेषताएं
- स्पीड: प्रारंभिक रूप से 360 किमी/घंटा की गति से चलेगी
- समय की बचत: नियमित ट्रेनें 3-4 घंटे लेती हैं, जबकि हाइपरलूप इसे सिर्फ 25 मिनट में पूरा करेगा
- ऊर्जा दक्षता: मैग्लेव तकनीक के कारण यह पारंपरिक रेल नेटवर्क से अधिक ऊर्जा-कुशल और लागत-प्रभावी है
क्यों है हाइपरलूप खास?
- अति-तेज़ गति: बुलेट ट्रेन से भी तेज़
- पर्यावरण के अनुकूल: सौर ऊर्जा पर आधारित
- खर्च में बचत: कम ऊर्जा खपत, ज्यादा दक्षता
