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illegal Bangladeshi immigrant: क्या एक अवैध बांग्लादेशी आप्रवासी भारत में ग्राम प्रधान बन सकती है? लवली खातून कौन हैं, और उन पर लगे आरोप क्या हैं?

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Lovely Khatun
illegal Bangladeshi: Can an illegal Bangladeshi immigrant become a village head in India? Who is Lovely Khatun, and what are the charges against her?
illegal Bangladeshi immigrant: पश्चिम बंगाल के राशिदाबाद ग्राम पंचायत की प्रधान, लवली खातून, पर बांग्लादेशी नागरिक होने और भारत में अवैध रूप से घुसने के आरोप लग रहे हैं, जिससे यह मामला अब राष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। आरोपों के अनुसार, लवली खातून ने भारत में प्रवेश करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। इस मुद्दे पर उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), ने जांच शुरू कर दी है, जबकि कोलकाता हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
लवली खातून पर आरोप
लवली खातून पर आरोप है कि उन्होंने अपनी चुनावी पात्रता को साबित करने के लिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ की। आरोपों के मुताबिक, उन्होंने अपने पहचान पत्र और OBC प्रमाणपत्र में धोखाधड़ी की और अपनी असली पहचान बदल दी। याचिकाकर्ता का कहना है कि खातून ने अपने नाम और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को बदलने के लिए अपने आधिकारिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया। यह मामला उस समय सामने आया है, जब बांग्लादेशी नागरिकों के लिए जाली दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने के आरोप में सात लोग गिरफ्तार हुए थे, जो भारत में अवैध रूप से घुस आए थे।
लवली खातून की असली पहचान और परिवार
टीवी9 बांग्ला के अनुसार, लवली खातून का असली नाम नसीया शेख था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह बिना पासपोर्ट के भारत आईं और अपनी पुरानी पहचान को मिटा दिया। आरोप है कि उसने अपने पिता का नाम बदलकर शेख मुस्तफा कर लिया, जो उनके आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है। 2015 में उन्होंने वोटर आईडी और 2018 में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, उनके असली पिता का नाम जमील बिस्वास है, और यह नाम उनके दस्तावेजों में नहीं है।
कोलकाता हाई कोर्ट में दायर याचिका
लवली खातून के खिलाफ आरोपों की याचिका कोलकाता हाई कोर्ट में रेहाना सुल्ताना ने दायर की थी। रेहाना सुल्ताना चांचल की निवासी हैं और 2022 के ग्राम पंचायत चुनाव में लवली खातून के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं। रेहाना ने आरोप लगाया कि लवली खातून ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त की और चुनावी प्रक्रिया में धोखाधड़ी की।
टीवी9 बांग्ला से बातचीत में लवली खातून ने आरोपों पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, “मैं व्यस्त हूं और इस मुद्दे पर फिलहाल कोई बयान नहीं दे सकती।” उनकी यह चुप्पी अब मामले को और अधिक संदिग्ध बना रही है।
राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रेहाना सुल्ताना के वकील अमलन भट्टाचार्य का कहना है कि रेहाना ने TMC के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जबकि लवली खातून कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन की उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरीं। चुनाव जीतने के बाद कुछ महीनों में लवली खातून ने कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन छोड़कर TMC जॉइन किया।
रेहाना ने आरोप लगाया कि लवली खातून एक बांग्लादेशी आप्रवासी हैं, जिन्होंने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, वकील भट्टाचार्य ने यह भी दावा किया कि खातून ने चुनावी पात्रता साबित करने के लिए स्थानीय रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की। आरोप यह भी है कि लवली खातून ने अपने वास्तविक पिता जमील बिस्वास की जगह शेख मुस्तफा को अपने पिता के रूप में पेश किया, और यह जानकारी लोकल प्रशासन द्वारा गलत तरीके से दर्ज की गई।
स्थानीय लोग भी जानते हैं कि लवली खातून के असली पिता जमील बिस्वास हैं, न कि शेख मुस्तफा, जैसा कि उनके दस्तावेजों में दावा किया गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) में भी उनके नाम का उल्लेख शेख मुस्तफा के परिवार में नहीं किया गया है।
Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

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