sanskritiias

“India’s Got Latent”: YouTube पर अश्लील कंटेंट का छिपा हुआ चेहरा और समाज पर इसका असर

Share this post

india's Got Letent

“India’s Got Latent”:  आज के डिजिटल युग में जब सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफार्म्स ने लोगों को अपनी आवाज़ उठाने, विचार व्यक्त करने और दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने का मौका दिया है, तो वही इन प्लेटफार्म्स पर कंटेंट का स्तर भी बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। यूट्यूब पर कई शो और चैनल्स ने न केवल मनोरंजन बल्कि जानकारी देने का भी कार्य किया है, लेकिन हाल ही में एक विवाद ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या डिजिटल प्लेटफार्म्स पर अश्लील और अपत्तिजनक सामग्री को नजरअंदाज किया जा सकता है। खासकर जब इस मुद्दे की बात की जाए “India’s Got Latent” शो की, तो यह पूरे भारत में चर्चा का विषय बन चुका है।

India’s Got Latent: एक शो, जिसने विवादों को जन्म दिया

“India’s Got Latent” एक शो है, जिसे मशहूर कॉमेडियन समय रैना द्वारा होस्ट किया जाता है। यह शो जो एक मस्ती-मज़ाक और मनोरंजन का माध्यम बनकर सामने आया था, अब विवादों के घेरे में आ गया है। इसकी एक विशेष एपिसोड में, यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया, जो अपनी BeerBiceps चैनल के लिए प्रसिद्ध हैं, ने कुछ ऐसे आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणी की थी, जो लोगों के लिए चौंकाने वाली थीं। उनकी टिप्पणियां, जो पहले तो हल्के-फुल्के मजाक के रूप में दिखाई दीं, अब बहुत से दर्शकों द्वारा अश्लील और समाज के लिए हानिकारक मानी जा रही हैं।

क्या था विवाद और क्यों हुआ यह वायरल?

यह शो उन क्षणों को दिखा रहा था जब सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर्स अपनी भाषा और क्रिएटिविटी के नाम पर बिना किसी रोक-टोक के कुछ भी पोस्ट कर रहे थे। रणवीर अल्लाहबादिया ने इस शो में जो कथन किए, वे कई दर्शकों के लिए शॉकिंग थे। विशेष रूप से, यह टिप्पणियां बच्चों, परिवारों और खासकर महिलाओं के लिए अपमानजनक मानी गईं। वे यह कहते हुए नजर आए कि ‘अच्छे पेरेंट्स के पास हमेशा सेक्स पर बात करने का अवसर नहीं होता’ और इस टिप्पणी ने काफी विवाद पैदा किया।

जब इस शो के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, तो यह आलोचनाओं का शिकार हो गया। लोगों ने इसे एक उदाहरण माना कि कैसे कुछ डिजिटल क्रिएटर्स अपने कंटेंट में बिना किसी दिशा-निर्देश के आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट का प्रसार कर रहे हैं।

अश्लील कंटेंट का बढ़ता प्रभाव और क्या हो रही है कार्रवाई?

भारत में जब से इस शो का वीडियो वायरल हुआ है, राज्य सरकारों और पुलिस विभागों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए एक औपचारिक जांच की घोषणा की है। महाराष्ट्र के संस्कृति विभाग के मंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें यह तय किया गया कि शो के कंटेंट का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।

इसके अलावा, मुंबई पुलिस ने भी इस मुद्दे पर कार्रवाई की है। रणवीर अल्लाहबादिया को पहले तो खार पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए समन भेजा गया, लेकिन वह वहां उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने फिर से उन्हें समन भेजा, और इस बार उनकी शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता की बात की।

क्या यह केवल एक व्यक्तिगत मामला है या कुछ बड़ा?

यह विवाद सिर्फ रणवीर अल्लाहबादिया या शो के क्रिएटर्स तक सीमित नहीं है। यह पूरे डिजिटल कंटेंट क्रिएटर समुदाय पर सवाल उठाता है कि वे किस प्रकार के कंटेंट को अपलोड कर रहे हैं और इसके समाज पर क्या प्रभाव हो सकते हैं। जहां कुछ लोग इसे ‘कॉमेडी’ और ‘मस्ती’ के रूप में देखते हैं, वहीं कई अन्य इसे युवाओं और खासकर बच्चों के लिए खतरनाक मानते हैं।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस शो को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया और यह मांग की कि ऐसे कंटेंट को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए, जो समाज के नैतिक मूल्यों के खिलाफ हो।

क्या सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स को सख्त नियमों की आवश्यकता है?

“India’s Got Latent” जैसे शो और इससे जुड़े विवाद ने यह सवाल फिर से खड़ा किया है कि क्या डिजिटल प्लेटफार्म्स पर कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए अधिक सख्त नियमों की आवश्यकता है। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स ने भले ही ‘कम्युनिटी गाइडलाइन्स’ लागू की हो, लेकिन इन नियमों का पालन हर जगह नहीं हो पा रहा है।

यदि इन प्लेटफार्म्स पर कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ कड़े नियम लागू किए जाते हैं, तो यह जरूरी हो जाएगा कि ये प्लेटफार्म्स खुद ही निगरानी और नियंत्रण सुनिश्चित करें। इसके लिए एक सशक्त मॉडरेशन सिस्टम की आवश्यकता है, ताकि इस तरह के आपत्तिजनक वीडियो को तुरंत हटाया जा सके और कंटेंट क्रिएटर्स को अपने कृत्यों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके।

कानूनी कार्यवाही और समाज की जिम्मेदारी

हालांकि यूट्यूब और सोशल मीडिया पर कंटेंट की निगरानी का कार्य सरकार के हाथों में नहीं है, लेकिन यह समाज का भी कर्तव्य है कि वह ऐसे मामलों पर ध्यान दे। जहां एक ओर डिजिटल प्लेटफार्म्स ने कंटेंट की अनुमति दी है, वहीं दूसरी ओर हमें यह भी समझने की आवश्यकता है कि इस प्लेटफार्म का उपयोग कैसे किया जा रहा है।

जब समाज में इस प्रकार के अश्लील कंटेंट को बढ़ावा दिया जाता है, तो यह युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल सकता है और उन्हें गलत आदतें सिखा सकता है। ऐसे में माता-पिता और शिक्षकों का भी यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों और युवाओं को डिजिटल सुरक्षा और नैतिकता के बारे में जागरूक करें।

आखिरकार: समाधान की दिशा में कदम

“India’s Got Latent” जैसे शो और इस पर हो रहे विवादों ने एक गंभीर बहस को जन्म दिया है, जो यह सवाल उठाती है कि क्या हम अपनी डिजिटल दुनिया को बेहतर और सुरक्षित बना सकते हैं? इसके लिए जरूरी है कि प्लेटफार्मों को न केवल प्रौद्योगिकी के माध्यम से, बल्कि एक सशक्त कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण से भी जिम्मेदारी सौंपा जाए।

आप भी जाने अब तक के इस विवाद में क्या-क्या हुआ

“India’s Got Latent” शो को लेकर विवाद ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इस शो के दौरान YouTuber रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps), समाय रैना और अन्य मेहमानों द्वारा किए गए विवादास्पद और अश्लील टिप्पणियों को लेकर कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। शो के कुछ एपिसोड्स में बेहद आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री प्रसारित की गई, जिसे बाद में YouTube ने हटा लिया, लेकिन इसने बहुत बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में अब तक की कार्रवाई पर एक विस्तृत रिपोर्ट इस प्रकार है:

1. शुरुआत में उठी शिकायतें और सोशल मीडिया का विरोध
“India’s Got Latent” शो के एपिसोड्स में किए गए विवादास्पद बयान और अश्लील टिप्पणियों ने जनता को गुस्से में डाल दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन टिप्पणियों के खिलाफ विरोध शुरू हुआ और कई यूज़र्स ने इस पर नाराजगी जताई। लोगों ने इसे युवाओं के बीच गलत संदेश फैलाने वाला और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अभद्र सामग्री के प्रसार का उदाहरण माना।
2. महाराष्ट्र सरकार का हस्तक्षेप
इस मामले को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक औपचारिक जांच शुरू की है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक विभाग ने यह निर्देश दिया है कि इस शो की सामग्री की पूरी जांच की जाए, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या यह शो भारतीय प्रसारण कानूनों का उल्लंघन करता है। मंत्री आशीष शेलार की अगुवाई में सांस्कृतिक विभाग ने बैठक कर इस मामले में आगे की कार्रवाई तय की।
3. मुंबई पुलिस और असम पुलिस की जांच
मुंबई पुलिस और असम पुलिस दोनों ने इस मामले में जांच शुरू की। शुरुआत में रणवीर अल्लाहबादिया को पूछताछ के लिए खार पुलिस स्टेशन बुलाया गया था, लेकिन वे वहां उपस्थित नहीं हुए। बाद में, मुंबई पुलिस और असम पुलिस की टीम ने उनके वर्सोवा स्थित घर का दौरा किया, लेकिन घर बंद पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें एक और समन जारी किया और शनिवार को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा।
4. साइबर विभाग की ओर से कार्रवाई
महाराष्ट्र के साइबर विभाग ने भी इस मामले में अपनी जांच शुरू की और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कानून (IT Act) के तहत कार्रवाई की। उन्होंने “India’s Got Latent” के 18 एपिसोड्स को हटाने का आदेश दिया, जो पहले ही रणवीर अल्लाहबादिया के यूट्यूब चैनल से हटा दिए गए थे।
5. रणवीर अल्लाहबादिया और अन्य कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
रणवीर अल्लाहबादिया और अन्य शो के मेहमानों के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। उन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत महिला की गरिमा को अपमानित करने, उनकी निजता का उल्लंघन करने जैसे आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों की वजह से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।
6. आलोचनाओं और मीडिया की भूमिका
इस मामले के बाद, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अप्रत्याशित और अश्लील सामग्री की बढ़ती प्रवृत्ति पर चर्चा हुई है। मीडिया और सोशल मीडिया में इस शो के कंटेंट के खिलाफ कड़ी आलोचना की गई और इसे समाज के लिए हानिकारक बताया गया। कई उपयोगकर्ताओं ने सरकार से अनुरोध किया कि इस तरह की सामग्री पर कड़ा नियंत्रण और कार्रवाई की जाए।
7. ब्रांड्स और एंडोर्समेंट का रिएक्शन
रणवीर अल्लाहबादिया के साथ पहले सहयोग कर चुके कुछ ब्रांड्स अब अपनी साझेदारी पर पुनः विचार कर रहे हैं। शो की आलोचना और विवाद के बाद कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि उनका नाम इस तरह की सामग्री से जुड़ा न हो।
8. भारत में डिजिटल कंटेंट पर व्यापक बहस
यह मामला यह साबित करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट को लेकर बहुत सी समस्याएं हैं। क्या कंटेंट क्रिएटर्स को बिना किसी नियमन के अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करने का अधिकार होना चाहिए? सरकार और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
9. कानूनी और सख्त दिशानिर्देशों की आवश्यकता
कई एक्सपर्ट्स और सोशल मीडिया यूज़र्स का कहना है कि डिजिटल कंटेंट पर ज्यादा सख्त नियम और दिशा-निर्देश लागू किए जाने चाहिए, ताकि अभद्र, आपत्तिजनक और समाज विरोधी कंटेंट का प्रसार रोका जा सके।
“India’s Got Latent” के इस मामले ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए एक नई बहस को जन्म दिया है। जहां एक ओर कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हक है, वहीं दूसरी ओर समाज पर उनके प्रभाव को लेकर जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही जरूरी है। अब देखना यह होगा कि महाराष्ट्र सरकार, मुंबई पुलिस और असम पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री को लेकर कोई सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

Leave a Comment

ख़ास ख़बरें

ताजातरीन

best news portal development company in india