
जम्मू-कश्मीर, राजौरी. Jammu-kashmir News: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के एक गांव में फैली रहस्यमयी बीमारी ने अब तक 8 लोगों की जान ले ली है, जबकि इस बीमारी से जुड़ी और मौतें होने का डर बना हुआ है। बुधवार को एक और बच्चे की अस्पताल में मौत के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इस बीमारी के फैलने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है, लेकिन सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञों की एक टीम भेजी है, जो प्रभावित इलाके में जल्द से जल्द जांच शुरू करेगी।
राजौरी के बधाल गांव में मची खलबली
बीमारी की चपेट में आकर अब तक दूसरे परिवारों के सात बच्चे भी मौत के मुंह में समा चुके हैं। बुधवार को 12 वर्षीय अशफाक अहमद की मौत हुई, जो छह दिन तक जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में इलाज के बाद भी अपनी जान नहीं बचा सका। पहले इलाज के लिए चंडीगढ़ भेजे गए अशफाक का इलाज वहां भी प्रभावी नहीं हो सका। इससे पहले, अशफाक के छोटे भाई-बहन इश्तियाक (7 वर्ष) और नाजिया (5 वर्ष) की भी मौत हो चुकी थी। अब तक सभी मृतक बधाल गांव के दो परिवारों से थे, जिससे इस गांव के लोग सन्नाटे में हैं।
केंद्र सरकार की विशेषज्ञों की टीम पहुंची
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए राजौरी प्रशासन ने प्रभावित गांव में त्वरित जांच के लिए एक मोबाइल प्रयोगशाला भेजी है। इसके साथ ही, केंद्रीय विशेषज्ञों की एक टीम को भी भेजा गया है, जो मामलों की तह तक जाने की कोशिश करेगी और बीमारी के कारणों का पता लगाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बीमारी का पता लगाने के लिए राजौरी में एक विशेष प्रयोगशाला शुरू की गई है, जहां जांच और परीक्षण किए जा रहे हैं।
जांच के लिए तेज कदम
राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने बधाल गांव का दौरा किया और जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इस बीमारी के बारे में और अधिक जानकारी इकट्ठा करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। बीएसएल-3 मोबाइल प्रयोगशाला को तैनात करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जांच की प्रक्रिया तेज और प्रभावी हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय टीम बीमारी के प्रसार के कारणों को समझने और सही इलाज सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बीमारी का आगे प्रसार न हो और प्रभावित लोगों को सही उपचार मिले।
स्थानीय लोगों में चिंता
बधाल गांव में बीमारी के फैलने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। गांववासियों ने बताया कि इस बीमारी के लक्षण पहले हल्के होते थे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, यह स्थिति और खराब होती चली गई। हालांकि, बीमारी की प्रकृति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसे एक बड़ी स्वास्थ्य संकट मान रहा है।
सरकार का संदेश
राजौरी प्रशासन ने गांववासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध लक्षण के मामले में तुरंत अस्पताल का रुख करें। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैयार रहने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संकट से निपटा जा सके।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में फैली रहस्यमयी बीमारी ने अब तक आठ लोगों की जान ले ली है, जबकि यह बीमारी और लोगों को प्रभावित करने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और केंद्र सरकार स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी ला रही है और एक विशेषज्ञ टीम को मौके पर भेजा गया है। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
