
बेंगलुरु. Karnataka CM: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) से जुड़ा हुआ है, जिसमें सिद्धारमैया पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी को नियमों को ताक पर रखकर 14 हाउसिंग साइट्स दिलवाई थीं।
क्या है मामला?
यह मामला साल 2011 का है। आरोप है कि सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी पत्नी को एमयूडीए ने नियमों के विरुद्ध 14 हाउसिंग साइट्स आवंटित की थीं। इस मामले में कर्नाटक लोकायुक्त ने पहले ही सिद्धारमैया और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब ईडी ने भी इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दल भाजपा लगातार सिद्धारमैया पर हमलावर है और उनसे इस्तीफे की मांग कर रही है। भाजपा का आरोप है कि सिद्धारमैया भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि यह बीजेपी का षड्यंत्र है और सिद्धारमैया बेगुनाह हैं।
सीबीआई से सहमति वापस
इस मामले में एक और मोड़ तब आया जब कर्नाटक सरकार ने राज्य में जांच के लिए सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली। सरकार का कहना है कि सीबीआई पक्षपातपूर्ण ढंग से काम कर रही थी।
क्या हैं इस मामले के मायने?
यह मामला कर्नाटक की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर सिद्धारमैया दोषी पाए जाते हैं तो इससे कांग्रेस पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही, यह राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
मुख्य बिंदु
- ईडी ने सिद्धारमैया के खिलाफ मामला दर्ज किया
- एमयूडीए घोटाले से जुड़ा मामला
- भाजपा ने इस्तीफे की मांग की
- कांग्रेस ने आरोपों को खारिज किया
- सीबीआई से सहमति वापस ली
