
कोटा. Loksabha Speaker OM Birla: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में नई दिल्ली में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने में कोई रुकावट न आए, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि अधिकतम किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए और उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के खाद्य मंत्री सुमित गोदारा भी उपस्थित रहे।
किसानों को गुणवत्ता जांच के नाम पर न हो परेशानी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बैठक में अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि गेहूं खरीद के दौरान किसानों को गुणवत्ता जांच के नाम पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी किसान का गेहूं प्रारंभ में अस्वीकृत (काला गेहूं) हो भी, तो उसका पुन: परीक्षण किया जाए ताकि खाद्य योग्य गेहूं की खरीद हो सके और किसानों को राहत मिल सके।
केंद्रों पर बेहतर सुविधाओं का निर्माण
ओम बिरला ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर किसानों को सुविधाजनक और आरामदायक वातावरण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि हर केंद्र पर छाया, पानी, विश्राम, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने उपार्जन केंद्रों पर बिजली, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक उपार्जन उपकरण सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रत्येक जिले की समस्याओं का समाधान व्यावसायिक तरीके से
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि हर जिले की अपनी विशिष्ट समस्याएं होती हैं, जिन्हें अधिकारियों को समझकर सुलझाना चाहिए। अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपने विवेक का उपयोग करते हुए इन समस्याओं का समाधान करें, ताकि राजस्थान के किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके। इससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि गेहूं खरीद की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सुचारू होगी।
किसानों में एमएसपी के बारे में अधिक जागरूकता फैलाना
ओम बिरला ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के बारे में किसानों में अधिकतम जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक पंजीकृत किसान अपनी फसल बेचने के लिए खरीद केंद्रों तक आसानी से पहुंच सकें। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि स्लॉट बुकिंग के दौरान लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें अधिक लाभ मिल सके।
समय पर भुगतान की गारंटी
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि गेहूं उपार्जन के बाद किसानों को समय पर भुगतान किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से किसानों को न केवल वित्तीय सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनका विश्वास भी सरकार की योजनाओं में और अधिक बढ़ेगा।
