Mahakumbh 2025: महाकुंभ जो एक आस्था का महासंयोग है, अब अपने अंतिम सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस विशेष अवसर पर हजारों श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। इस बार महाशिवरात्रि के दिन यानी 26 फरवरी को महाकुंभ का अंतिम स्नान पर्व होगा। इस दिन भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, और प्रशासन ने इस आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई विशेष तैयारियां की हैं।
यातायात और भीड़ प्रबंधन
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि इस आयोजन को लेकर यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। रेलवे, प्रशासन, और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्था को सुचारू बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है। खास तौर पर शनिवार और रविवार को होने वाले अंतिम स्नान पर्व को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गंगा में पानी बढ़ाने की व्यवस्था
गंगा नदी में स्नान के लिए जल स्तर का ध्यान रखा गया है। वर्तमान में गंगा में 11,000 क्यूसेक और यमुना में लगभग 9,000 क्यूसेक पानी बह रहा है। इस दौरान गंगा में पानी बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को स्नान करने में कोई कठिनाई न हो। अधिकारियों ने संगम घाटों का निरीक्षण किया और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया।
1.16 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान
अब तक 13 जनवरी से लेकर 21 फरवरी तक महाकुंभ में 59 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान कर चुके हैं। शुक्रवार तक 1.16 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया, और यह आंकड़ा आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद है।
रेलवे की तैयारी
महाकुंभ के अंतिम सप्ताह के दौरान तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने विशेष तैयारी की है। रेलवे मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए हैं, जहां श्रद्धालुओं को नियंत्रित तरीके से रखा जाएगा। यह कदम प्लेटफॉर्म पर भीड़ को रोकने में मदद करेगा। उत्तर रेलवे ने गाजियाबाद, आनंद विहार, नयी दिल्ली, अयोध्या धाम, और बनारस में बड़े ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए हैं।
1200 अतिरिक्त बसों का इंतजाम
महाकुंभ के अंतिम चरण के लिए प्रदेश सरकार ने 1200 अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया है। उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि महाशिवरात्रि स्नान और 20 से 28 फरवरी तक इन बसों को रिजर्व किया गया है। इसके अलावा, संगम क्षेत्र में पहले से 750 शटल बसें चल रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
ऑनलाइन कक्षाएं और विद्यालयों में बदलाव
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए, जिला प्रशासन ने 21 फरवरी से 26 फरवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन का आदेश दिया है। यह कदम खासतौर पर ग्रामीण और नगर क्षेत्रों में लागू होगा, जिससे छात्रों की शिक्षा में कोई विघ्न न आए।
महाकुंभ 2025 का अंतिम सप्ताह बेहद खास होने वाला है, और प्रशासन ने हर पहलू पर नजर रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात, स्वास्थ्य, सफाई और भीड़ नियंत्रण की सख्त व्यवस्था की गई है। इस बार महाशिवरात्रि का स्नान पर्व ऐतिहासिक रूप से यादगार बनने की पूरी संभावना है।
