मुंबई. Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में महायुति ने विधानसभा चुनाव में शानदार बहुमत के बाद सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ले ली है, लेकिन अब राज्य में मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर कई अटकलें लग रही हैं। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुधवार (11 दिसंबर) रात को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हुए, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बैठक में मौजूद नहीं थे।
शिंदे गुट को नहीं मिलेगा गृह मंत्रालय
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में महायुति सरकार में शामिल दलों के बीच मंत्रालयों के आवंटन पर गहन चर्चा हुई। खास बात यह रही कि बैठक में यह साफ किया गया कि शिंदे गुट को गृह मंत्रालय नहीं मिलेगा। इसके अलावा, राजस्व विभाग के भी शिंदे गुट को मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। हालांकि, शिवसेना को शहरी विकास मंत्रालय का जिम्मा दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
कैबिनेट विस्तार का ऐलान 14 दिसंबर को
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार का ऐलान 14 दिसंबर को किया जा सकता है। इसके तहत, बीजेपी मुख्यमंत्री पद समेत 21 से 22 मंत्री पद अपने पास रख सकती है। वहीं, यह भी माना जा रहा है कि कुछ मंत्री पद खाली रखे जा सकते हैं। इस बीच, मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर बातचीत में देरी हो रही है, क्योंकि सरकार में तीन प्रमुख दल शामिल हैं।
43 मंत्री पदों के लिए बंटवारा
महाराष्ट्र में कैबिनेट में कुल 43 मंत्री पद हो सकते हैं। राज्य विधानसभा में 288 सदस्य हैं, और महायुति ने कुल 233 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें बीजेपी की 132 सीटें, शिंदे शिवसेना की 57 सीटें और एनसीपी की 41 सीटें शामिल हैं। विभागों के बंटवारे के लिए सूत्रों के अनुसार, 6 विधायकों पर एक मंत्री पद का फार्मूला अपनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक सहयोगी दल को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। महाराष्ट्र की सत्ता में आए इस बदलाव के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, और अब सभी की नजरें 14 दिसंबर को होने वाले कैबिनेट विस्तार पर टिकी हुई हैं।
