नई दिल्ली. Manipur Voilence: मणिपुर में हालात फिर से बिगड़ गए हैं, जिसके चलते इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मणिपुर सरकार ने राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों को 19 नवंबर तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। ये फैसला राज्य सरकार के गृह विभाग के परामर्श से लिया गया है।
कर्फ्यू के मद्देनजर लिया गया निर्णय
सचिवालय उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्फ्यू के कारण छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए मणिपुर के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज, साथ ही राज्य विश्वविद्यालय 18 नवंबर से 19 नवंबर तक बंद रहेंगे। कर्फ्यू की वजह से इलाके में सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के आवास और राजभवन के आसपास विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। वहीं, हिंसा को नियंत्रित करने के लिए सात जिलों में इंटरनेट सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है।
NIA द्वारा हिंसा की जांच
मणिपुर में बढ़ती हिंसा के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तीन प्रमुख घटनाओं की जांच अपने हाथ में ली है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने मणिपुर पुलिस से इन मामलों की जिम्मेदारी ली। इन हिंसक घटनाओं में जानमाल का नुकसान हुआ और सार्वजनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।
हिंसा से जुड़े प्रमुख मामले
- 8 नवंबर, 2024: जिरीबाम पुलिस स्टेशन में सशस्त्र आतंकवादियों द्वारा एक महिला की हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
- 11 नवंबर, 2024: बोरोबेकरा पुलिस स्टेशन में जिरीबाम के जकुरधोर करोंग में स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) चौकी पर हमले की घटना हुई।
- 11 नवंबर, 2024: बोरोबेकरा क्षेत्र में नागरिकों की हत्या और घरों को जलाने का मामला सामने आया, जिसमें छह शव मिले। इसके बाद इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया गया।
