
Manipur Violence Update: मणिपुर में हालात तेजी से बिगड़े हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य में बढ़ती हिंसा के बीच, जिरीबाम में छह लोगों के शव मिलने के बाद इंफाल घाटी में प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ गई हैं। हिंसक प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के आवास सहित कई मंत्रियों और विधायकों के घरों पर हमला बोला। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार ने इंफाल और आसपास के इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया है, और इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।
क्यों भड़की हिंसा?
शनिवार को जिरीबाम जिले में बराक नदी से दो महिलाओं और एक बच्चे के शव बरामद किए गए। आरोप है कि उग्रवादी समूहों ने इनका अपहरण किया और फिर हत्या कर दी। इस घटना के विरोध में इंफाल घाटी में उग्र प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने राज्य के मंत्रियों और विधायकों के घरों पर हमला कर दिया। मुख्यमंत्री के दामाद और भाजपा विधायक आर.के. इमो सहित अन्य नेताओं की संपत्तियों में आग लगा दी गई और तोड़फोड़ की गई।
मणिपुर में कर्फ्यू और इंटरनेट बंद
इंफाल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, इंफाल पूर्व, पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही, इंटरनेट सेवाएं भी सात जिलों में अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं, ताकि अफवाहों और हिंसा को फैलने से रोका जा सके।
सिविल सोसाइटी का अल्टीमेटम
राज्य के नागरिक संगठनों ने मणिपुर सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसमें उग्रवादी समूहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति (COCOMI) ने अफस्पा (सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम) को तुरंत हटाने की भी मांग की है। इस समिति ने चेतावनी दी है कि अगर उग्रवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं की गई, तो वे और भी कड़ा विरोध करेंगे।
मुठभेड़ में मारे गए उग्रवादी
गौरतलब है कि सोमवार को जिरीबाम में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 उग्रवादी मारे गए थे। इस मुठभेड़ के बाद जिरीबाम में तीन महिलाएं और तीन बच्चे लापता हो गए थे, जिनकी बाद में हत्या कर दी गई। इसके चलते हिंसा और विरोध प्रदर्शन और अधिक बढ़ गए। उग्रवादियों द्वारा जिरीबाम में चर्चों और घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया।
