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Myanmar Earthquake: मौतों की संख्या बढक़र 1,644, भारत ने भेजे बचाव दल और राहत सामग्री

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Myanmar Earthquake
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नई दिल्ली. Myanmar Earthquake: म्यांमार में आए जबरदस्त भूकंप ने तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 1,644 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,408 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 139 लोग अब भी लापता हैं। इस दुखद घटना के बाद भारत ने म्यांमार की मदद के लिए एक बड़ी राहत मिशन शुरू किया है, जिसे “ऑपरेशन ब्रह्मा” नाम दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग से फोन पर बातचीत कर भारत की गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और कहा, “इस कठिन समय में भारत म्यांमार के लोगों के साथ खड़ा है।”

भारत की राहत कार्यवाही के प्रमुख पहलू
  • राहत सामग्री: भारत ने 15 टन आवश्यक राहत सामग्री यांगून भेजी है, जिसमें तंबू, स्लीपिंग बैग, कंबल, तैयार खाने के भोजन, जल शुद्धिकरण यंत्र, सौर लैंप, जनरेटर सेट और जरूरी दवाइयां शामिल हैं।
  • बचाव दल: भारतीय वायुसेना के दो C130J विमान Nay-pyi-Taw  पहुंचे, जिनमें 80 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के कर्मी और अन्य राहत सामग्री शामिल थी।
  • अतिरिक्त सहायता: दो C17 सैन्य विमान, जिनमें 60 पेराट्रूपर एम्बुलेंस शामिल हैं, जल्द ही म्यांमार पहुंचेगे।
  • नौसेना की मदद: भारतीय नौसेना के जहाज ढ्ढहृस् सतपुड़ा और ढ्ढहृस् सावित्री 40 टन मानवतावादी सहायता लेकर यांगून के बंदरगाह की ओर रवाना हो चुके हैं।
  • फील्ड अस्पताल: भारतीय सेना का 118-सदस्यीय फील्ड अस्पताल इकाई आगरा से मंडले के लिए रवाना हो चुकी है, जो प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी।
बचाव कार्य की विशेषताएं
  • ऑपरेशन ब्रह्मा: भारतीय अधिकारियों के अनुसार यह मिशन म्यांमार के पुनर्निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम है। “ब्रह्मा” नाम का विशेष महत्व है क्योंकि यह सृजन के देवता का नाम है, जो नई शुरुआत का प्रतीक है।
  • खोज और बचाव दल: NDRF टीम के कमांडेंट पी के तिवारी के नेतृत्व में बचाव दल मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए कुत्तों के साथ आया है।
  • स्थानीय सहायता: भारतीय दूतावास म्यांमार में राहत सामग्री के वितरण को सुनिश्चित करने के लिए म्यांमार सरकार के साथ समन्वय कर रहा है।
म्यांमार में स्थिति

7.7 की तीव्रता वाले भूकंप ने न केवल म्यांमार बल्कि पड़ोसी थाईलैंड को भी हिला दिया। भवनों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। Nay-Pyi-Taw  हवाई अड्डा अभी पूरी तरह से कार्यशील नहीं है, जिससे राहत सामग्री के वितरण में चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।

भारत की भूमिका

भारत म्यांमार का पहला अंतरराष्ट्रीय सहयोगी बना है जिसने बचाव दल भेजा है। यह भारत की “प्रथम प्रत्युत्तरदाता” की भूमिका को दर्शाता है, जो संकट के समय अपने पड़ोसी देशों की मदद में हमेशा आगे रहता है। “हम म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता में खड़े हैं और इस कठिन समय में पूरी सहायता प्रदान करेंगे,” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा।

Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

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