
चड़ीगढ़. Om Prakash Chautala: ओमप्रकाश चौटाला का जन्म 1 जनवरी 1935 को हरियाणा के सिरसा जिले के चौटाला गांव में हुआ था। भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण हस्ती के रूप में उनका नाम हमेशा याद किया जाएगा। चौटाला ने पांच बार हरियाणा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पहला कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 से शुरू हुआ, जो 22 मई 1990 तक चला। इसके बाद कई उतार-चढ़ाव के बावजूद, वे मुख्यमंत्री के पद पर चार और बार काबिज हुए—एक बार 12 जुलाई 1990 को, फिर 22 अप्रैल 1991 में और अंत में 1999-2000 में पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने। उनका सबसे लंबा कार्यकाल 2000 से 2005 तक रहा, जब वे पांच साल तक राज्य की सत्ता में रहे।
इनेलो का निर्माण
1993 में, ओमप्रकाश चौटाला ने नरवाना उपचुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पहचान और मजबूती बनाई। 1996 में उन्होंने एक नई पार्टी की स्थापना की, जिसे हरियाणा लोक दल (राष्ट्रीय) नाम दिया गया। फिर 1998 में बसपा के साथ गठबंधन करके पांच लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की। इसके बाद पार्टी का नाम बदलकर इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) रखा गया, जो आज भी हरियाणा की राजनीति में एक प्रमुख ताकत के रूप में जानी जाती है।
चौटाला परिवार: एक राजनीतिक साम्राज्य
ओमप्रकाश चौटाला की शादी स्नेह लता से हुई थी, जिनका निधन अगस्त 2019 में हुआ। उनके दो बेटे हैं—अजय चौटाला और अभय चौटाला, दोनों ही राजनीति में सक्रिय हैं। अजय की पत्नी नैना चौटाला और अभय की पत्नी कांता चौटाला भी राजनीतिक दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी हैं। चौटाला के परिवार में तीन बेटियां भी हैं: सुचित्रा, सुनीता और अंजलि। उनके तीन भाई—रणजीत सिंह चौटाला, प्रताप सिंह चौटाला और जगदीश कुमार चौटाला—भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
ओमप्रकाश चौटाला की संपत्ति: विवादों में घिरा परिवार
ओमप्रकाश चौटाला के बारे में कहा जाता था कि उनके पास हजारों करोड़ की संपत्ति है। CBI ने चौटाला परिवार के खिलाफ 1467 करोड़ रुपये की संपत्ति के मामले में चार्जशीट भी दायर की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास 80 से अधिक प्रॉपर्टीज थीं, जो उनकी राजनीतिक ताकत और विवादों का हिस्सा बन गईं।
क्यों गए थे जेल?
चौटाला के राजनीतिक करियर में सबसे बड़ा धब्बा जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाला था, जिसमें उन्होंने आरोपों के मुताबिक हर शिक्षक से तीन-चार लाख रुपये लिए थे। इस मामले में उन्हें 9 साल से ज्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा। हालांकि, 2021 में कोरोना महामारी के दौरान उनकी सेहत को देखते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया।
तिहाड़ जेल में दसवीं पास करने की अद्भुत कहानी
चौटाला के जीवन का एक और प्रेरणादायक पहलू था उनका तिहाड़ जेल में रहते हुए दसवीं कक्षा पास करना। वे कभी पढ़ाई में पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाए थे, क्योंकि उनके पिता देवी लाल जेल में थे। लेकिन जेल में रहते हुए, उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार दसवीं की परीक्षा पास की। यह उनकी इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया, और उनकी कहानी पर आधारित फिल्म दसवीं में अभिषेक बच्चन ने उनके किरदार को निभाया।
ओमप्रकाश चौटाला की राजनीति: संघर्ष और विवादों का मिश्रण
ओमप्रकाश चौटाला का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। कई बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उनका नाम जेबीटी भर्ती घोटाले और परिवारिक विवादों के कारण विवादों में रहा। इसके बावजूद, उनकी राजनीतिक विरासत और हरियाणा की राजनीति में उनका योगदान कभी न भुलाया जा सकेगा। सत्ता, संघर्ष और विवादों के इस अनोखे मिश्रण ने उन्हें हरियाणा की राजनीति में एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व बना दिया।
