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Prime Minister Vidya Lakshmi Scheme: कमाल की है केन्द्र सरकार की ये योजना, उच्च ​शिक्षा के लिए मिलता है दस लाख रूपए तक ऋण

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PM Vidhyalaxmi Scheme

नई दिल्ली. Prime Minister Vidya Lakshmi Scheme: प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसे शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत छात्रों को शिक्षा प्राप्ति के लिए बैंक से सस्ते दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर बढ़ सके।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना क्या है?
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, छात्रों को शिक्षा ऋण (Educational Loan) उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार द्वारा लागू की गई योजना है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न बैंकों के माध्यम से छात्रों को शिक्षा के लिए ऋण मिल सकता है। यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए वित्तीय मदद की तलाश में हैं, खासकर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए।
मुख्य विशेषताएँ:
  • शैक्षिक ऋण का उद्देश्य: यह ऋण उन छात्रों के लिए है जो अपनी उच्च शिक्षा, जैसे स्नातक, स्नातकोत्तर, तकनीकी, और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता चाहते हैं।
  • ऋण की राशि: इस योजना के तहत छात्रों को अधिकतम ₹10 लाख तक का ऋण मिल सकता है (देश के भीतर अध्ययन के लिए)। यदि छात्र विदेश में अध्ययन करना चाहता है, तो वह ₹20 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकता है।
  • ऋण की ब्याज दर: बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर काफी सस्ती होती है, और योजना के अंतर्गत कई मामलों में ब्याज दरों में सब्सिडी भी मिलती है।
  • ऋण की वापसी: ऋण का भुगतान पढ़ाई पूरी होने के बाद छात्र द्वारा किया जाता है। यह अवधि आमतौर पर 15 साल तक हो सकती है।
कौन-कौन इसका लाभ उठा सकते हैं?
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना का लाभ मुख्य रूप से उन छात्रों को मिलता है जो शिक्षा के लिए ऋण की आवश्यकता महसूस करते हैं। इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ शर्तें हैं:
  • भारतीय नागरिक: केवल भारतीय नागरिक ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
  • उम्र सीमा: सामान्यत: आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • शैक्षिक योग्यता: छात्र को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए। इसके लिए एक अच्छी शैक्षिक योग्यता का होना जरूरी है।
  • पढ़ाई का क्षेत्र: योजना का लाभ सभी प्रकार के पाठ्यक्रमों (स्नातक, स्नातकोत्तर, और प्रोफेशनल कोर्स) के लिए लिया जा सकता है।
  • अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री: ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदक की क्रेडिट हिस्ट्री को अच्छे स्तर पर होना चाहिए।
ऋण कितने राशि तक मिलता है?
  • भारत में अध्ययन के लिए: इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को ₹10 लाख तक का शिक्षा ऋण मिल सकता है।
  • विदेश में अध्ययन के लिए: विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ₹20 लाख तक का ऋण मिल सकता है।
ऋण का उद्देश्य:
  • पढ़ाई की फीस: कोर्स की ट्यूशन फीस और अन्य शैक्षिक खर्चे।
  • किताबें और स्टेशनरी: पाठ्यक्रम से संबंधित किताबों और स्टेशनरी का खर्च।
  • यात्रा का खर्च: यदि छात्र विदेश में पढ़ाई कर रहा है, तो यात्रा का खर्च भी इस ऋण में शामिल किया जा सकता है।
  • रहने का खर्च: हॉस्टल फीस, या आवास संबंधित खर्च भी इसमें शामिल किए जा सकते हैं।
ऋण की चुकौती प्रक्रिया
  • इस ऋण की चुकौती की प्रक्रिया पढ़ाई के खत्म होने के बाद शुरू होती है। आमतौर पर, पढ़ाई खत्म होने के बाद छह महीने का समय दिया जाता है, ताकि छात्र अपनी नौकरी पा सके।
  • ऋण चुकौती की अवधि 15 वर्ष तक हो सकती है, जिससे छात्रों को आसानी से ऋण चुकाने का अवसर मिलता है।
  • यदि छात्र बैंक से कोई ऋण लेता है तो उसे उस ऋण की पूरी जानकारी और ब्याज दर की जानकारी प्रदान करनी होती है।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के लाभ
  • आर्थिक सहायता: इस योजना के द्वारा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
  • ब्याज दर में छूट: योजना के अंतर्गत ब्याज दरें कम होती हैं, जिससे विद्यार्थियों पर कम वित्तीय दबाव पड़ता है।
  • लचीली चुकौती अवधि: इस योजना में ऋण चुकौती के लिए लचीली अवधि दी जाती है, जिससे छात्रों को काम करने के बाद चुकौती में आसानी होती है।
किसी भी प्रकार के पाठ्यक्रम के लिए: यह ऋण किसी भी प्रकार के शैक्षिक कोर्स (स्नातक, स्नातकोत्तर, प्रोफेशनल) के लिए लिया जा सकता है।
कैसे आवेदन करें?
  • ऑनलाइन आवेदन: छात्र बैंक की वेबसाइट या संबंधित पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • दस्तावेज़ की आवश्यकता: छात्र को आय प्रमाण, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, एडमिशन लेटर, और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ प्रदान करने होते हैं।
  • बैंक से संपर्क: छात्र को अपने नजदीकी बैंक शाखा में भी जाकर जानकारी प्राप्त करनी होती है।
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना एक अद्वितीय पहल है, जो छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह योजना न केवल छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देती है, बल्कि यह भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को भी बढ़ाती है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक बाधाओं के कारण किसी भी छात्र को अपनी शिक्षा बीच में छोड़ने की आवश्यकता न पड़े।
यदि आप उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं और आपको वित्तीय सहायता की आवश्यकता है, तो  प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत शिक्षा ऋण के लिए आवेदन करने के लिए विद्यालक्ष्मी पोर्टल (Vidya Lakshmi Portal) का उपयोग किया जाता है। यह पोर्टल भारत सरकार के नकद और वाणिज्यिक मामलों के मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया है और इसमें विभिन्न सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से शिक्षा ऋण प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी जाती है।
विद्यालक्ष्मी पोर्टल का लिंक:
https://www.vidyalakshmi.co.in
पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाएँ:
  • ऋण आवेदन: छात्र इस पोर्टल पर शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • ऋण की जानकारी: विभिन्न बैंकों द्वारा उपलब्ध कराए गए शिक्षा ऋण उत्पादों की जानकारी।
  • ऋण आवेदन की स्थिति: छात्र अपनी ऋण आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
  • दस्तावेज़ अपलोड: ऑनलाइन आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड किए जा सकते हैं।
Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

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