
चंडीगढ़. Punjab politics: पंजाब विधानसभा में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के दो विधायकों ने अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। खासकर धर्मकोट के विधायक देविंदरजीत सिंह लड्डी ढोसे ने तो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत पर सीधे-सीधे अपनी ही सरकार को घेरते हुए कहा, “ऐसा लगता है जैसे हम पाकिस्तान में रह रहे हैं!”
उनके इस बयान ने पंजाब की सियासत में सनसनी फैला दी है। वहीं, शुत्राणा से आप विधायक कुलवंत सिंह बाजीगर ने भी स्वास्थ्य मंत्री से सवाल पूछते हुए दावा किया कि उनके क्षेत्र के तीन अस्पतालों में डॉक्टर तक नहीं हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से तीखे सवाल, जवाबों में गोलमोल बातें
मोगा जिले की धर्मकोट विधानसभा सीट से विधायक लड्डी ढोसे ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से सीधा सवाल किया कि क्या सरकार धर्मकोट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को अपग्रेड करने की योजना बना रही है? मगर स्वास्थ्य मंत्री का जवाब निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार के पास इसे सब-डिविजनल अस्पताल में अपग्रेड करने की कोई योजना नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि धर्मकोट का PHC, कोट इसे खां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अधीन आता है, जो 8 किमी दूर स्थित है। इतना ही नहीं, ट्रॉमा सेंटर खोलने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। पंजाब में फिलहाल सिर्फ पांच ट्रॉमा सेंटर (जालंधर, पठानकोट, खन्ना, फिरोजपुर और फाजिल्का) ही कार्यरत हैं।
“मोगा से भेदभाव क्यों?” – विधायक की सरकार पर दो टूक
मंत्री के इस जवाब से विधायक लड्डी ढोसे खासे नाराज नजर आए। उन्होंने सत्ता पक्ष में रहते हुए भी अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। “पिछले तीन वर्षों में हमारे क्षेत्र में एक भी स्वास्थ्य परियोजना स्वीकृत नहीं की गई। मोगा और मेरे विधानसभा क्षेत्र धर्मकोट के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? क्या मोगा पंजाब का हिस्सा नहीं है? यह भेदभाव क्यों?” उनके इस बयान से सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मीडिया के सामने सफाई देने आए विधायक
हालांकि, जब मीडिया ने उनसे इस बयान को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने अपनी बात को थोड़ा नरम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी भी खराब नहीं है, लेकिन हमें और डॉक्टरों और अपग्रेडेड अस्पतालों की जरूरत है।
उन्होंने अपनी पार्टी का बचाव करते हुए कहा, “हमारे नेता हमें हमेशा अपनी बात मजबूती से रखने के लिए प्रेरित करते हैं। इसलिए मैंने अपनी आवाज उठाई। मैं विधानसभा में अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाता हूं और उनका समाधान किया जाता है।”
बड़ा सवाल: AAP आप में बढ़ रही अंदरूनी कलह?
यह पहली बार नहीं है जब आम आदमी पार्टी के विधायक अपनी ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले भी पार्टी के कई विधायक खुलेआम सरकार के खिलाफ बोल चुके हैं।
क्या यह पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष का संकेत है?
- क्या विधायकों को उम्मीदों के मुताबिक काम करने का मौका नहीं मिल रहा?
- क्या पंजाब सरकार का प्रशासनिक ढांचा हिलने लगा है?
