
जयपुर. Rajasthan Cm Bhajan Lal Sharma: राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को अब निरंतर रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल ने इस दिशा में अहम कदम उठाया है और इसके लिए राज्य में भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक ठोस योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में सीएम ने अधिकारियों के साथ मिलकर इस योजना को अंतिम रूप दिया, जिसमें तय किया गया कि अब हर तीन महीने में राज्य में युवाओं के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
सीएम भजनलाल का रोडमैप: हर 3 महीने में रोजगार मेले
राज्य में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए सीएम भजनलाल ने अपने कार्यकाल में अब तक पांच रोजगार मेलों का आयोजन किया है, जिसमें 67,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब हर तीन महीने में एक युवा मेला आयोजित किया जाएगा, जहां बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से भर्ती परीक्षाओं के मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को किसी भी प्रकार की रुकावट के बिना निरंतर चलाया जाए।
कोर्ट में अटकी भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द निपटाने के आदेश
सीएम भजनलाल ने राज्य में अदालतों में अटकी हुई 9800 पदों की भर्ती प्रक्रियाओं का भी विशेष ध्यान रखा। इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों में प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि युवाओं को जल्दी रोजगार मिल सके और भर्ती प्रक्रियाएं पूरी हो सकें। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में कुल 1,88,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
सरकार की प्राथमिकता: युवाओं को रोजगार जल्दी मिले
सीएम भजनलाल ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि हर युवा को जल्द से जल्द नियुक्ति मिले। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और कहा कि भर्ती विज्ञापन, परीक्षा आयोजन, परिणाम की घोषणा और दस्तावेजों की जांच से लेकर प्रत्येक चरण को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जाएगा। अगर इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ी, तो वह भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह पहल राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है, क्योंकि रोजगार की उम्मीदें अब एक निर्धारित योजना के तहत लगातार साकार होती दिखेंगी। मुख्यमंत्री भजनलाल का यह कदम युवाओं को स्थिर और विश्वसनीय रोजगार की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
