
बीकानेर. Rajasthan News: राजस्थान के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय ने रबी फसल 2024-25 के लिए लगभग 2 हजार क्विंटल बीजों का उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।राष्ट्रीय बीज परियोजना के अंतर्गत रबी फसल 2024-25 में बीज उत्पादन को लेकर कुलपति डॉ अरुण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय़ लिया गया। बैठक में मुख्य अतिथि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के पूर्व निदेशक बीज डॉ सी.पी.सचान थे। बैठक में अनुसंधान निदेशक डॉ विजय प्रकाश, प्रसार निदेशक डॉ पी.एस.शेखावत, कृषि महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ पी.के.यादव, अतिरिक्त निदेशक बीज डॉ पी.सी.गुप्ता समेत जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय से आए अनुसंधान निदेशक, डॉ मनमोहन सुंदरिया, प्रसार निदेशक डॉ प्रदीप पगारिया, अतिरिक्त निदेशक बीज डॉ सैमुअल जुबेरस्रन, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय व जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के सभी केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष समेत हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनूं और जैसलमेर से आए वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
बीज उत्पादन का विवरण
- कुल बीज उत्पादन: लगभग 2 हजार क्विंटल
- फसलें: गेहूं, चना, सरसों, जीरा, मैथी, इसबगोल, रिजका, काचरी
- बीज उत्पादन की श्रेणियाँ: प्रजनक बीज, आधार बीज, प्रमाणित बीज (सर्टिफाइड सीड), ट्रूथफूल बीज
विश्वविद्यालय के उद्देश्य
- किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज समय पर उपलब्ध कराना
- राजस्थान की कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना
- किसानों की आय में वृद्धि करने में मदद करना
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बयान
- कुलपति डॉ अरुण कुमार ने कहा, “बीज उत्पादन में किसानों की सहभागिता को बढ़ाया जाएगा।”
- चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के पूर्व निदेशक बीज डॉ सी.पी.सचान ने कहा, “कृषि वैज्ञानिक स्थानीय आवश्यकता एवं मांग के अनुसार विभिन्न फसलों के उच्च गुणवत्ता युक्त बीजों का उत्पादन करें।”
बैठक के मुख्य बिंदु
- राष्ट्रीय बीज परियोजना के अंतर्गत रबी फसल 2024-25 में बीज उत्पादन को लेकर कुलपति डॉ अरुण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
- बैठक में मुख्य अतिथि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के पूर्व निदेशक बीज डॉ सी.पी.सचान उपस्थित रहे।
- विश्वविद्यालय के सभी केवीके कम से कम 5-5 किसानों के साथ सहभागिता करते हुए संबंधित किसान के खेत पर ही उच्च गुणवत्ता का बीज उत्पादन करेंगे।
