
जयपुर. Rajasthan News: राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को तीन नई पॉलिसी की घोषणा की। इन पॉलिसी में लॉजिस्टिक, डेटा सेंटर और राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम “राइज़िंग राजस्थान इम्पैक्ट 1.0” में सीएम शर्मा ने कहा कि इन पॉलिसी के लागू होने से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और नए उद्योगों को कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे। इन पॉलिसी के तहत स्थापित होने वाले उद्योगों को कई तरह की छूटें और लाभ दिए जाएंगे, जैसे कि भू-रूपांतरण, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, स्टॉम्प ड्यूटी में 100त्न छूट, और अन्य शुल्क में 50त्न तक का पुनर्भरण। यह कदम नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
1. राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी
प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए यह पॉलिसी बेहद लाभकारी साबित होगी। इसके तहत, औद्योगिक क्षेत्रों या उनके आसपास डेटा सेंटर बनाए जाएंगे ताकि डेटा एकत्रित किया जा सके और वह सुरक्षित रहे।
- विशेष इंसेंटिव: 100 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाले पहले डेटा सेंटर्स को एसेट क्रिएशन इंसेंटिव का 25त्न अतिरिक्त सनराइज इंसेंटिव मिलेगा।
- वित्तीय लाभ: निवेश 5 साल के भीतर करना होगा। साथ ही, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में सात साल तक 100त्न छूट दी जाएगी।
- पर्यावरणीय प्रोत्साहन: ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के तहत पर्यावरणीय प्रोजेक्ट्स पर खर्च की गई राशि का 50त्न पुनर्भरण (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए) होगा।
2. लॉजिस्टिक पॉलिसी
यह नीति लॉजिस्टिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए है। इसमें वेरहाउस, साइलो, कोल्ड स्टोरेज, इनलैंड कंटेनर डिपो, एयर फेट स्टेशन, कार्गो टर्मिनल और ट्रक पार्क के लिए विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
- कैपिटल सब्सिडी और छूट: लॉजिस्टिक पार्क डेवेलपर को ब्याज सब्सिडी 7त्न और स्टाम्प ड्यूटी, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, भू-रूपांतरण, मंडी फीस पर छूट मिलेगी।
- प्रोजेक्ट लाभ: प्रोजेक्ट लागत का 50त्न राशि का एकमुश्त पुनर्भरण (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए) किया जाएगा।
- भूमि आवंटन: रीको औद्योगिक क्षेत्रों में अधिकतम 10 एकड़ या 10त्न भूमि लॉजिस्टिक सुविधाओं के लिए आरक्षित की जाएगी।
3. राजस्थान वस्त्र एवं परिधान नीति
यह नीति राज्य में वस्त्र और परिधान उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए है। इसके तहत उद्योगों को विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- एसेट क्रिएशन इंसेंटिव: 10 वर्षों तक, 80 करोड़ रुपए तक प्रति वर्ष का एसेट क्रिएशन इंसेंटिव मिलेगा।
- छूट और पुनर्भरण: भूमि-भवन खरीद या लीज पर स्टाम्प ड्यूटी, पंजीकरण शुल्क और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी पर 100त्न छूट मिलेगी।
- निर्यात से जुड़ी छूट: राज्य से निर्यात होने वाले उत्पादों की इकाइयों को फेट चार्जेज पर 25त्न पुनर्भरण मिलेगा।
- पर्यावरणीय प्रोत्साहन: ग्रीन सॉल्यूशन इंसेंटिव के तहत पर्यावरणीय खर्चों पर 50त्न पुनर्भरण (अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए) होगा।
यह पॉलिसी 1000 से अधिक वस्त्र उत्पादकों को लाभ पहुंचाएगी और 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना जताई जा रही है।
