
जयपुर. Rajasthan Politics: राजस्थान के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना की नाराजगी अब समाप्त हो गई है और वे एक बार फिर अपने मंत्री पद पर लौट आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी कभी सरकार से नहीं थी, बल्कि लोकसभा चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने स्वयं मंत्री पद छोडऩे का निर्णय लिया था। हालांकि, उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया और दिल्ली से पार्टी आलाकमान के निर्देश पर अब वे फिर से अपनी जिम्मेदारी संभालने के लिए लौट आए हैं।
कांग्रेस पर निशाना, नौ महीने का नुकसान भरने का ऐलान
डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले नौ महीनों में जो समय व्यर्थ हुआ, उसकी भरपाई वे अब पूरी तत्परता और गति से करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं पिछले पांच-छह दिनों से सक्रियता के साथ काम कर रहा हूं और अब हम विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे।” मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब वे राज्य के विकास में पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे।
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कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार, बेरोजगारी का मुद्दा उठाया
सोमवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर कोटा पहुंचे डॉ. किरोड़ी ने वहां पत्रकारों से बातचीत में राज्य में बेरोजगारी की बढ़ती समस्या को लेकर कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार ने राज्य में रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसके कारण युवाओं के बीच बेरोजगारी की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है।”
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फोन टैपिंग मामले पर चुप्पी
जब उनसे फोन टैपिंग मामले से जुड़े सवाल किए गए, तो डॉ. किरोड़ी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने इस मुद्दे को पूरी तरह से टालते हुए कहा कि वे इस पर कोई बयान नहीं देंगे। उनका यह चुप्पी साधना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा।
किरोड़ी की सक्रियता और भविष्य की योजनाएं
किरोड़ी मीना की वापसी के साथ अब यह स्पष्ट हो गया है कि वे राज्य सरकार की योजनाओं को और अधिक गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका मानना है कि अब से राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए और सरकार के जनहित कार्यों को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए वे पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे। उनके इस निर्णय से यह भी संकेत मिलता है कि वे राजस्थान में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
