जयपुर. RPSC Update : राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग संचालकों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक विवादास्पद वीडियो के संबंध में गंभीर संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस वीडियो को प्रसारित करने वाले व्यक्ति से स्पष्टीकरण लिया जाएगा, और यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होता, तो इसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। आरपीएससी के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि 15 फरवरी 2025 को जितेंद्र यादव नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर “आरएएस मुख्य परीक्षा पर प्रोफेसर ने किया जबरदस्त खुलासा” शीर्षक से एक वीडियो प्रसारित किया। इस वीडियो में एक तथाकथित विशेषज्ञ को आरएएस मुख्य परीक्षा का मूल्यांकनकर्ता बताया गया है, और इस बातचीत में कई संविदानिक उल्लंघनों का दावा किया गया है।
क्यों हुआ यह मामला गंभीर?
आयोग का कहना है कि इस वीडियो में दिखाई गई जानकारी न केवल उस कथित विशेषज्ञ के वचन-पत्र का उल्लंघन है जो उसने आयोग में दिया था, बल्कि यह आयोग की गोपनीयता को भी भंग करता है। इसके साथ ही, यह कृत्य विभिन्न कानूनी धाराओं का उल्लंघन करता है, जिनमें प्रमुख हैं:
- राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (मेजर्स फॉर प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स इन रिक्रूटमेंट) अधिनियम, 2022 की धारा 5/10
- भारतीय दंड संहिता (ढ्ढक्कष्ट) की धारा 61 (क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी)
- भारतीय दंड संहिता (ढ्ढक्कष्ट) की धारा 316 (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट)
- आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67(ष्ट) और धारा 72 & 72्र
कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं?
इस वीडियो के प्रसारण ने आयोग की गोपनीयता की उल्लंघना की है, जिससे यह न केवल एक गंभीर कानूनी मामला बनता है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता को भी प्रभावित कर सकता है। यदि यह प्रकरण सही तरीके से स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो आरपीएससी इस मामले में कड़ी कानूनी कार्यवाही करेगा।
आयोग की चेतावनी
आयोग ने सभी कोचिंग संस्थानों और आम जनता को यह चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियाँ न करें, अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की जाएगी। आयोग ने यह भी कहा है कि यह कदम न केवल उल्लंघन करने वालों के लिए, बल्कि बाकी कोचिंग संस्थानों के लिए भी एक सख्त संदेश है कि वे किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या गोपनीयता भंग करने वाले कृत्य से बचें। यह मामला आरपीएससी की नजऱ में एक गंभीर उल्लंघन है, और आयोग इस पर गहरी नजर रखे हुए है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
