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Sambhal violence: संभल हिंसा के बाद योगी सरकार का कड़ा कदम: पत्थरबाजों और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, चौराहों पर लगेगा पोस्टर, होगी वसूली

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Sambhal Voilence
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संभल (उत्तर प्रदेश). Sambhal violence: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद योगी सरकार अब अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने फैसला किया है कि अब पत्थरबाजों और उपद्रवियों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इन अपराधियों के पोस्टर चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे, ताकि इनकी पहचान पूरी तरह से जनता के सामने आ सके। इसके साथ ही, इनसे हुए नुकसान की वसूली भी की जाएगी।
सरकार ने उठाया कठोर कदम, नुकसान की वसूली और पोस्टर की कार्रवाई
सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार संभल में हुई हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए उपद्रवियों से वसूली करेगी। इस वसूली के लिए, अपराधियों और पत्थरबाजों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। इसके तहत उपद्रवियों के खिलाफ पहले से जारी अध्यादेश का पालन किया जाएगा, जिसमें अपराधियों से हुए नुकसान की वसूली और उनकी पहचान उजागर करने के प्रावधान हैं।
योगी सरकार ने पहले भी उपद्रवियों और अपराधियों के खिलाफ नुकसान की वसूली का अध्यादेश जारी किया था। इस बार भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों से हुई सार्वजनिक संपत्ति की क्षति का भुगतान उनसे ही किया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जो लोग इन अपराधियों की पहचान करने में मदद करेंगे या उन्हें पकड़वाने में सहायक होंगे, उन्हें इनाम दिया जाएगा।
मस्जिद में सर्वे के दौरान हुआ था पथराव
गौरतलब है कि संभल में हाल ही में मुगलकालीन जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान, कुछ युवकों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थरबाजी की थी। इन अपराधियों ने अपना चेहरा कपड़ों से ढक लिया था, ताकि उनकी पहचान न हो सके। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से इन उपद्रवियों की पहचान करना शुरू कर दिया है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही बर्बरता
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि कई युवक पुलिस पर पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। ये युवक एक के बाद एक पत्थर और ईंटें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर बरसा रहे हैं। ये लोग अपना चेहरा ढके हुए थे, ताकि पुलिस उनकी पहचान न कर सके, लेकिन फुटेज के जरिए पुलिस अब इनकी पहचान करने में सफल हो रही है।
20 से ज्यादा गिरफ्तारियां, जनजीवन हो रहा सामान्य
संभल हिंसा में 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, घटना के दो दिन बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। स्कूल और दुकानों का कार्य फिर से शुरू हो गया है, लेकिन संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं अभी भी बंद हैं। योगी सरकार का यह कदम दर्शाता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है। उपद्रवियों को समाज से अलग करने और उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी ताकत से कार्य कर रही है।
संभल हिंसा: पूरा मामला विस्तार से
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हाल ही में एक बड़ा बवाल हुआ था, जिसे लेकर राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। यह हिंसा 2024 के नवंबर महीने में तब भड़की, जब मुगलकालीन जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान विवाद उत्पन्न हुआ। सर्वे के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया।
  • घटना का विवरण: संभल जिले के जामा मस्जिद के आसपास जब प्रशासनिक टीम सर्वेक्षण कर रही थी, तब अचानक कुछ उपद्रवी युवकों ने पुलिस पर हमला कर दिया। उन्होंने ईंटों और पत्थरों से पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला किया। यह घटना ऐसे समय में हुई जब इलाके में तनाव था और धार्मिक संवेदनाओं से जुड़ी नफरत भड़कने लगी थी। इन हमलावरों ने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके।
  • सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तारियां: हिंसा के दौरान सीसीटीवी कैमरे में उपद्रवियों की गतिविधियां कैद हो गईं। फुटेज में देखा गया कि युवकों ने पुलिस और अधिकारियों पर लगातार पत्थर फेंके और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने इन फुटेज के आधार पर 20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इन उपद्रवियों के चेहरे ढके होने के बावजूद पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।
  • सरकार की प्रतिक्रिया और कार्रवाई: योगी सरकार ने इस घटना के बाद कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। सरकार ने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाने और उनसे नुकसान की वसूली करने का निर्णय लिया है। यह वही नीति है, जिसे योगी सरकार ने पहले भी अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ लागू किया था। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की जाएगी और जो लोग इन उपद्रवियों की पहचान में मदद करेंगे, उन्हें इनाम दिया जाएगा।
  • जनजीवन और इंटरनेट सेवाएं: संभल में हिंसा के बाद जनजीवन सामान्य होने की ओर बढ़ रहा है। स्कूल फिर से खुल गए हैं और दुकानें भी चलने लगी हैं। हालांकि, स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रण में लाने के लिए संभल तहसील में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
Bharat Update 9
Author: Bharat Update 9

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