
लखनऊ. TB campaign in Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 1 जनवरी से शुरू हुए उत्तर प्रदेश के 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। पहले महीने के भीतर ही 40 हजार से अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई। इस अभियान ने सात दिसंबर से लेकर अब तक कुल 53,251 टीबी मरीजों की पहचान की है, जो राज्य में टीबी के खिलाफ चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने मथुरा का दौरा कर इस अभियान के प्रति संतोष व्यक्त किया और उसकी सफलता को सराहा। उन्होंने मथुरा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बांदी में आयोजित निक्षय शिविर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलदेव का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने निक्षय मित्र द्वारा विकसित आईडी कम कैलेंडर की भी सराहना की, जिसे उन्होंने साथ ले लिया।
राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र भटनागर के अनुसार, अभियान के दौरान मथुरा जिले में सर्वाधिक 15,222 टीबी मरीजों की पहचान की गई, जो निक्षय मित्रों द्वारा गोद लिए गए थे। राज्यभर में अब तक 36,295 मरीजों का इलाज शुरू किया जा चुका है। पूरे प्रदेश में लगभग 3 करोड़ लोगों की उच्च जोखिम वाली जनसंख्या की स्क्रीनिंग की गई है, और 1.72 करोड़ लोगों के टीबी के संभावित लक्षणों की जांच की गई है, जिसमें एक्सरे, नॉट और माइक्रोस्कोपिक टेस्ट शामिल हैं।
इस अभियान में 60998 निक्षय मित्रों ने करीब 1.82 लाख टीबी मरीजों को गोद लिया और 3,06,477 पोषण पोटलियां वितरित की गईं। इसके अलावा, 3,24,2026 निक्षय शिविर आयोजित कर लोगों में जागरूकता बढ़ाने का कार्य भी किया गया। औसतन प्रतिदिन 4604 शिविर लगाए गए।
अभियान में प्रमुख आंकड़े:
जिला | टीबी मरीजों की संख्या | निक्षय मित्रों द्वारा गोद लिए गए मरीज |
---|---|---|
मथुरा | 15,222 | 15,222 |
आगरा | 2,057 | – |
सीतापुर | 2,045 | – |
लखनऊ | 1,818 | – |
अलीगढ़ | 1,582 | – |
कानपुर | 1,536 | – |
संत रविदास नगर | 131 | – |
कुल आंकड़े
- टीबी मरीजों की कुल पहचान: 53,251
- इलाज शुरू: 36,295
- जागरूकता शिविर (निक्षय शिविर): 3,24,2026
- निक्षय मित्रों द्वारा गोद लिए गए मरीज: 1,82,182
- पोषण पोटली का वितरण: 3,06,477
सात दिसंबर से शुरु हुए इस अभियान में 15 जनपदों को प्राथमिकता दी गई थी, जहां टीबी से होने वाली मौतों की दर अधिक थी। इन जिलों में नए टीबी रोगियों की पहचान दर राष्ट्रीय औसत से कम थी। अभियान की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने इसे सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए, जिससे राज्य में टीबी को समाप्त करने की दिशा में नया मोड़ आया है।
