
Viral News: हरियाणा में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल, “चोरों की बावड़ी,” एक ऐसा रहस्य है जो पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है और जिसका इतिहास आज भी कई सवालों के घेरे में है। यह सुरंग और बावड़ी एक समय में भारतीय और पाकिस्तान के इतिहास को जोड़ने वाली एक गुप्त कड़ी मानी जाती थी। यहां की कहानी और इसके आसपास के रहस्यमय पहलु आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं और कई अनसुलझे सवाल छोड़ते हैं।
सुरंग का ऐतिहासिक महत्व
यह सुरंग सन् 1658-59 के आसपास बनाई गई थी, जब सैद्यू कलाल नामक एक व्यक्ति ने इसे बनवाने का आदेश दिया था। यह सुरंग, जिसे चोरों की बावड़ी के नाम से जाना जाता है, मुग़ल सम्राट शाहजहां के एक सूबेदार के अधीन थी। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह सुरंग भूमि के नीचे एक जाल की तरह फैली हुई थी और इसका एक हिस्सा पाकिस्तान के लाहौर तक जाता था। हालांकि, इस सुरंग के अस्तित्व और इसकी दिशा को लेकर कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलते, फिर भी यह मान्यता मौजूद है कि कभी यह रास्ता पड़ोसी मुल्क तक जाता था।
चोरों की बावड़ी और उसकी रहस्यमय बातें
चोरों की बावड़ी का नाम ही इसकी रहस्यमय और रोमांचक इतिहास को उजागर करता है। कहा जाता है कि यहां की सीढ़ियां और सुरंगें चोरों के लिए एक सुरक्षित मार्ग थीं, जिनका उपयोग वे अमीरों से लूटे गए धन को छुपाने और बचने के लिए करते थे। एक दिलचस्प कहानी के अनुसार, चोरों के एक गिरोह ने इसी सुरंग का इस्तेमाल किया था, और जैसे ही वे बावड़ी में कूदते, वह गायब हो जाते थे। यही कारण था कि इसे “चोरों की बावड़ी” कहा गया।
बाढ़ और सुरंग की बदहाली
1995 में आई भयंकर बाढ़ ने चोरों की बावड़ी को गंभीर नुकसान पहुंचाया। इस बाढ़ के बाद सुरंग का कई हिस्सा नष्ट हो गया, जिससे यह और भी रहस्यमय हो गया। आज भी इस स्थान पर आते ही इसका सुनसान वातावरण और चुप्पी लोगों को एक अलग ही अनुभव देती है। जगह-जगह चमगादड़ों का कब्जा हो गया है, जो दिन-रात इस स्थान पर पहरा देते हैं, जिससे इसका भूतिया माहौल और भी गहरा हो जाता है।
काले पानी का रहस्य
चोरों की बावड़ी के कुएं का पानी गहरे काले रंग का बताया जाता है, जो इसे और भी रहस्यमय बनाता है। कुछ लोग दावा करते हैं कि इस पानी में चोरों द्वारा चुराया गया धन पड़ा है, हालांकि इस बात की कोई ऐतिहासिक पुष्टि नहीं है। यह काले पानी की कहानी और भी रोमांचक होती है, क्योंकि कई रहस्यवादी इस स्थान को अलौकिक शक्तियों से जोड़ते हैं।
गायब हुई बारात
चोरों की बावड़ी से जुड़ी एक और अजीबो-गरीब कहानी यह है कि एक बारात जो दिल्ली जा रही थी, अचानक ही इस बावड़ी में गायब हो गई। यह घटना भी इस स्थान को और रहस्यमय बना देती है, और समय-समय पर लोग इस बावड़ी के बारे में नई कहानियां सुनाते रहते हैं।
चोरों की बावड़ी, जो एक ऐतिहासिक स्थल होने के साथ-साथ भारत-पाकिस्तान के बीच एक गुप्त कड़ी के रूप में मौजूद है, आज भी रहस्यों से भरी हुई है। यह जगह न केवल इतिहास और रहस्य का मिलाजुला रूप है, बल्कि यह भारत-पाकिस्तान के बीच एक अजीबो-गरीब कनेक्शन भी दर्शाती है, जो समय के साथ और भी जटिल और दिलचस्प हो गया है।
